संबोधन की सूची में सभी अनुसूचित जाति के लोग रहे
मंच से कुल 18 लोगों के संबोधन की सूची तैयार की गई, उसमें सभी अनुसूचित जाति के लोग रहे। जिसमें दो मंत्री असीम अरुण और भानू प्रताप वर्मा शामिल रहे। जबकि मंच पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, नंद गोपाल नंदी, सहित कई मंत्री, सांसद, विधायक सभी मौजूद रहे। हालांकि सीएम के कहने पर सतीश महाना ने भी मंच से संबोधन किया।
सम्मेलन का ऐसा रहा है राजनीतिक निचोड़
अनुसूचित जातियों का भाजपा और उससे जुड़ी सरकारों के प्रति भरोसा इतना पक्का हो जाए कि विपक्षी दलों के प्रति उनकी धारणा बदल जाए। वे भाजपा में ही अपने को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें। इसीलिए इस सम्मेलन में अनुसूचित बिरादरी के हर छोटे से छोटे कार्यकर्ता को दूसरी बिरादरी के बड़े नेताओं से ज्यादा तवज्जो दी गई। इसके जरिए पार्टी ने अनुसूचित जातियों के बीच भरोसा कायम करने की कोशिश की है। कहा जा रहा है भाजपा अपनी इस रणनीति में काफी हद तक सफल दिखी है।