सीडीएस बिपिन रावत अपनी सीट पर जितने कठोर दिखते थे, घरेलू माहौल में उतने ही आत्मीयता से भरे थे। उनसे मुलाकात के संस्मरण सुनाते हुए पूर्व सेना अधिकारी और एक्स सर्विस मैन लीग (यूपी) के प्रेसिडेंट व पूर्व सैनिक बोर्ड एडवाइजरी कमेटी के अध्यक्ष मेजर योगेंद्र सिंह कटियार भावुक हो उठे।
उन्होंने दिसंबर 2019 के पहले सप्ताह (झंडा दिवस की पूर्व संध्या) की एक घटना का जिक्र किया। बताया उस समय बिपिन रावत थल सेना अध्यक्ष थे। उनसे मिलने के लिए केंद्रीय सैनिक बोर्ड के अधिकारी और पूर्व सैनिक एडवाइजरी कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने समय लिया था।
उन्हें 12:45 बजे का समय मिला। वे लोग करीब 30 मिनट पहले पहुंच गए थे। उन्हें अचानक एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करनी पड़ गई। इस पर उन लोगों से निर्धारित समय के बाद मिलने की बात कही गई। कुछ देर बाद खुद बिपिन रावत वेटिंग रूम में आए और कहा कि आप लोगों को कुछ समय इंतजार करना पड़ेगा।
दोपहर 1:35 बजे हम लोगों को बुलाया और झंडा दिवस की जानकारी ली। उत्तर प्रदेश की समस्याएं पूछी। उन्हें बताया गया कि बेरोजगारी की समस्या बड़ी है। उन्होंने खुद अपनी डायरी में इसे नोट किया। इसके बाद उन्होंने हम लोगों को घर में खाने के लिए आमंत्रित किया।
मेजर कटियार ने बताया कि आठ लोग उनके आवास पहुंचे। उनके साथ भोजन किया। मेजर ने बताया कि उनकी पत्नी मधुलिका रावत ने उत्तराखंड की फेवरेट मशरूम और मलाई की सब्जी बनाई है। उन्होंने भी हम लोगों के साथ खाना खाया।
इस दौरान बिपिन रावत ने उत्तर प्रदेश में सैनिक संगठन के किसी बड़े कार्यक्रम में बुलाने पर शामिल होने की बात कही थी। वहीं मधुलिका जी ने भी हामी भरी थी। हालांकि उनकी यह हसरत अधूरी रह गई।
दिव्यांग सैनिक के रोजगार के लिए मांगी थी रिपोर्ट
प्रतिनिधिमंडल में शामिल मेघा योगेंद्र खटिया ने बताया कि जनरल बिपिन रावत ने उनसे पूर्व सैनिक के लिए किए जाने वाले कामों के बारे में पूछा था। उन्होंने स्वयं सेना के दिव्यांगजनों के रिसेटेलमेंट की रिपोर्ट तैयार कर भेजने को कहा था।