बता दें कि कानपुर में जुलाई 2020 में दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ फायरिंग की थी, जिसमें आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे। इसमें एक डिप्टी एसपी भी शामिल था। इस मामले में फरार चल रहे विकास दुबे को एसटीएफ ने मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया। कानपुर लाते समय रास्ते में उसने भागने का प्रयास किया, तो पुलिस मुठभेड़ में उसे मार गिराया था। उसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस पर आरोप लगा था कि उसने फर्जी तरीके से उसका एनकाउंटर किया है। इसके बाद मृतक की पत्नी ने मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है।
बिकरू कांड: घटनाक्रम पर एक नजर
- 2 जुलाई - रात लगभग 12:45 बजे गैंगस्टर विकास दुबे द्वारा साथियों के साथ मिलकर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या।
- 3 जुलाई- सुबह करीब 7:00 बजे पुलिस ने गांव से लगभग 2 किमी दूर कांशीराम निवादा गांव स्थित मंदिर में दबिश देकर विकास के दो अहम गुर्गों अतुल दुबे व प्रेम प्रकाश पांडे को मुठभेड़ में मार गिराया।
- 5 जुलाई - सुबह 4:00 बजे पुलिस ने विकास के नौकर दयाशंकर उर्फ कल्लू को मुठभेड़ के दौरान कल्यानपुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इसी दिन विकास पर घोषित इनाम की धनराशि बढ़ाकर एक लाख रुपये की गई।
- 8 जुलाई- सुबह लगभग 7:00 बजे हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र में विकास दुबे के खास गुर्गे व पारिवारिक अमर दुबे को मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने ढेर कर दिया। इसी दिन सुबह करीब 8 बजे घटना से जुड़े बिकरू निवासी श्यामू बाजपेई को गांव से कुछ ही दूर बेला मार्ग के निकट से पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया।