फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिकरू कांड: विकास दुबे के खजांची जय बाजपेई की गैंगस्टर कोर्ट में जमानत पर सुनवाई

Sat, 30 Jan 2021 01:29 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
विकास दुबे कांड: शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्रा, जय बाजपेई - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

कानपुर के बिकरू कांड में आरोपी गैंगस्टर जयकांत बाजपेई की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट पवन कुमार श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई हुई। विशेष लोक अभियोजक घनश्याम श्रीवास्तव ने बताया कि जय पर नजीराबाद थाने में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज था। अलग-अलग थानों में कुल दस मुकदमे दर्ज हैं।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि दो मुकदमों में एफआर लगने की बात कही गई थी, जिस पर विवेचक को तलब किया गया था। दोबारा आए आपराधिक इतिहास में दो नए मुकदमों का हवाला दिया गया है। वहीं जय के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने तर्क रखा कि जय पर दर्ज सभी मुकदमे बिकरू कांड के बाद वर्ष 2020 में ही दर्ज किए गए हैं। गैंगस्टर चार्ट में जो तीन मुकदमे दर्ज हैं, उनमें जय जमानत पर है।

विवेचक ने कोर्ट में मांगी माफी
जय के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि पिछली तारीख पर गलत आपराधिक इतिहास देने पर विवेचक को कोर्ट में तलब किया गया था। विवेचक ने दो ऐसे मुकदमों का हवाला दिया था, जिनमें कई साल पहले ही पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है।
विज्ञापन


विवेचक अजीत कुमार वर्मा ने कोर्ट में लिखित माफी मांगी और कहा कि डीसीआरबी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आपराधिक इतिहास कोर्ट में पेश किया गया था। इसमें बजरिया थाने में वर्ष 2010 में डकैती और वर्ष 2016 में लूटपाट, मारपीट व हत्या के प्रयास के अलावा एससीएसटी एक्ट में भी मुकदमा दर्ज होने की बात थी।

नोट: पहले कोर्ट से शाम तक आदेश जारी होने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके चलते जमानत खारिज होने का तथ्य हटाकर सिर्फ सुनवाई की बात लिखी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें