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बिकरू कांड: निलंबित हुए आईपीएस अनंत देव 23 महीने बाद बहाल, विभागीय जांच रहेगी जारी

Sun, 02 Oct 2022 06:51 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात पुलिस गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए दबिश देने पहुंची थी। विकास व उसके गुर्गों ने दबिश टीम पर हमला कर सीओ बिल्हौर व एसओ शिवराजपुर समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। आईपीएस अनंत देव तिवारी को 23 महीने बाद रविवार को बहाल कर दिया गया।
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अनंत देव तिवारी - फोटो : ANI
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विस्तार
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बिकरू कांड में निलंबित हुए आईपीएस अनंत देव तिवारी को 23 महीने बाद रविवार को बहाल कर दिया गया। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई थी। हालांकि विभागीय जांच अभी भी जारी रहेगी। अनंत देव को जब निलंबित किया गया था तब वह एसटीएफ में डीआईजी थे।
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उसके पहले वह कानपुर नगर के कप्तान थे। बिकरू कांड के बाद शासन ने एसआईटी गठित की थी। जांच में करीब 60 पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी फंसे थे। इसमें कानपुर में कप्तान रहे आईपीएस अनंत देव भी शामिल थे। 12 नवंबर 2020 को शासन ने अनंत देव को निलंबित कर दिया था। वह लगभग दो साल निलंबित रहे। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही उनकी तैनाती कर दी जाएगी, हालांकि कोई प्राइम पोस्टिंग नहीं होगी। 
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मिले थे लापरवाही, मिलीभगत के सुबूत
एसआईटी ने अनंत देव के खिलाफ विस्तृत जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसमें उनकी लापरवाही, मिलभीगत के सुबूत थे। जिसके आधार पर उनको निलंबित किया गया था। एक विभागीय जांच लखनऊ आईजी रेंज ने भी की है। वर्तमान में भी लखनऊ के अफसर ही जांच कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच अंतिम दौर में है। उसमें भी अनंत देव फंसते नजर आ रहे हैं।

यह है बिकरू कांड
बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात पुलिस गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए दबिश देने पहुंची थी। विकास व उसके गुर्गों ने दबिश टीम पर हमला कर सीओ बिल्हौर व एसओ शिवराजपुर समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। पुलिस की कार्रवाई विकास समेत छह बदमाश एनकाउंटर में मारे गए थे। 44 आरोपी जेल में बंद हैं।
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