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बिकरू कांड: शिकायतकर्ता सुबूत न दे सका, एंटी करप्शन खोज न सका, एक साल से अटकी आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच

Thu, 28 Oct 2021 11:18 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

एंटी करप्शन के अफसर का कहना है कि शिकायतकर्ता ने आरोपों के संबंध में अब तक कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए हैं। नोटिस के बाद यह बताया गया कि वह जल्द ही सुबूत देंगे लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराया। वहीं एंटी करप्शन...
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जय बाजपेई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिकरू कांड के आरोपी जय बाजपेई के गनर महेंद्र सिंह पर लगे आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच कर रही एंटी करप्शन की टीम कुछ भी हासिल नहीं कर सकी है। टीम अब तक न यह नहीं पता कर सकी है कि गनर की कुल संपत्ति कितनी है। उसमें अवैध और वैध कितनी है।
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दूसरी तरफ शिकायतकर्ता अधिवक्ता भी उसके खिलाफ कोई भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं सके हैं। इस वजह से जांच जस की तस पड़ी हुई है। एक साल से अधिक का समय बीत चुका है। दो जुलाई 2020 को बिकरू कांड हुआ था। जिसमें सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए थे।

मामले में दहशतगर्द विकास दुबे को असलहा, कारतूस और पैसा देने के आरोप में जय बाजपेई को पुलिस ने जेल भेजा था। जय आज भी जेल में बंद है। इस दौरान अधिवक्ता सौरभ ने शासन से शिकायत की थी कि जय के गनर रहे महेंद्र सिंह के पास आय से अधिक संपत्ति है।
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ये संपत्ति जय बाजपेई के जरिये अवैध तरीके से बनाई गई है। मामले की जांच एंटी करप्शन यूनिट कानपुर को सौंपी गई थी। करीब साल भर से जांच चल रही है लेकिन अब तक अफसर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके हैं।

एंटी करप्शन के अफसर का कहना है कि शिकायतकर्ता ने आरोपों के संबंध में अब तक कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए हैं। नोटिस के बाद यह बताया गया कि वह जल्द ही सुबूत देंगे लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराया। वहीं एंटी करप्शन अपने स्तर से महेंद्र के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं तलाश सकी। 

अवैध संपत्ति का ब्योरा नहीं
पूरी जांच में एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या महेंद्र के पास उतनी संपत्ति नहीं है जितनी आरोपों में बताई गई है। या कहीं ऐसा तो नहीं कि एंटी करप्शन गंभीरता से न लेकर संपत्ति की खोजबीन नहीं कर रही है। फिलहाल अभी अफसरों का यही कहना है कि जांच जारी है। मगर अवैध संपत्ति का कोई भी ब्योरा उनके पास नहीं है।
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