एआरटीओ विभाग का एक अजब-गजब कारनामा सामने आया है। मजदूर के बेटे के नाम एआरटीओ कार्यालय ने डेढ़ लाख रुपए का टैक्स जमा करने का नोटिस जारी किया है। नोटिस मिलने के बाद से वह कार्यालय के चक्कर काट रहा है।
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पीड़ित ने बताया कि उसके पास केवल साइकिल है। दिबियापुर के सेहुद गांव निवासी सुरेश चंद्र मजदूर हैं। उनका 16 साल का बेटा सुधीर भी मजदूरी करता है। 23 दिसम्बर को सुरेश चंद्र को डाक से एक नोटिस मिला जो अंग्रेजी में था। इस पर सुरेश ने गांव में किसी से नोटिस पढ़वाया तो पता चला कि एआरटीओ कार्यालय ने टैक्स जमा न करने पर डेढ़ लाख रुपये जुर्माने का नोटिस भेजा है।
पीड़ित सुरेश ने बताया कि उसके बेटे सुधीर के पास कोई भी मोटर वाहन नहीं है। केवल एक साइकिल जिससे वह दिबियापुर में एक धर्मशाला में चौकीदारी करने जाता है। नोटिस मिलने के वाद वह अब अफसरों के चक्कर काट रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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नोटिस मिलने के बाद से उसके यहां सभी लोग परेशान हैं। इस संबंध में एआरटीओ अशोक कुमार का कहना है कि एक नाम के दो लोग हो सकते हैं। इसके चलते गलती से दूसरे व्यक्ति के पास नोटिस पहुंच जाता है, क्योंकि पूरा सिस्टम कंप्यूटराइज्ड होता है। इसलिए नाम गलत होने की गुंजाइश कम है। फिर भी मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।