सवाल- आपको क्या लग रहा है, कैसे और कब तक टीम इंडिया में वापसी करेंगे।
जवाब- देखिए, ये जवाब देना बहुत ही मुश्किल है। अगर यह पता होता कि किसी को कैसे वापसी करनी है, तो हजारों प्लेयर अब तक वापसी कर चुके होते। खिलाड़ी का काम होता है खेलना, कोशिश करना और परफार्म करना। कुछ चीजें हमारे हाथ में नहीं होती। सेलेक्शन हमारे हाथ में नहीं होता। परफार्म करना हमारे हाथ में नहीं होता है, कोशिश करना हमारे हाथ में होता है। चयन करना सेलेक्टर और मैनेजमेंट का काम है।
सवाल- यूपी टी-20 लीग पहली बार उत्तर प्रदेश में हो रही है। आपको क्या लगता है कि यह युवाओं के लिए कितना बड़ा प्लेटफार्म होगा।
जवाब- यह बहुत बड़ा प्लेटफार्म है। सबको पता है कि इतना बड़ा स्टेट है, इतना ज्यादा टैलेंट है। कितनी भी कोशिश कर लो ट्रायल या प्रैक्टिस मैचों से पर टैलेंट पूरी तरह से सामने नहीं आता है। टैलेंट के लिए इस प्रकार की लीग बेहद जरूरी है। यहां छह टीमें हैं और पहला ही साल है। लीग जितनी ज्यादा होती रहेंगी तो टीमें बढ़ेंगी। हो सकता है अलग-अलग टीम से कई बेहतर खिलाड़ी निकल सकें।
सवाल- आपका कहना है कि यूपी से टैलेंट को निकालना है, लेकिन अलग स्टेट से नितीश राणा भी आपके साथ ही आ रहे हैं, तो उसको कैसे देखते हैं।
जवाब- ये चीजें मैनेजमेंट और ऊपर बैठे लोग तय करते हैं। प्लेयर के व्यू होते हैं या नहीं होते हैं, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। लेकिन, अगर खिलाड़ी के प्वाइंट ऑफ व्यू से देखना चाहेंगे तो वो भी प्लेयर है और वह कहीं से भी खेलना चाहता है।
सवाल- लीग में चुनौती किसे मानते हैं और क्या टीम को आप लीड करेंगे।
जवाब- हंसते हुए...आप चुनौती की बात कर रहे हैं। मुझे तो अभी तक पूरी टीम के खिलाड़ियों के नाम भी सही से नहीं मालूम हैं। फिलहाल तो पूरा फोकम अभ्यास करने और छोटी-छोटी कमियों को दूर करने की ओर है। रही बात टीम को लीड करने की तो यह भी मुझे नहीं पता है। इस पर फैसला टीम मैनेजमेंट करेगा। मेरा काम सिर्फ खेलना और श्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।