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कोई भी ऐप डाउनलोड करने से पहले सतर्क रहें, यहां महिला से हुई 80 हजार रुपये की धोखाधड़ी

Wed, 22 May 2019 08:19 PM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : गूगल
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एक एक महिला से साइबर ठग ने 80 हजार रुपये ठग लिए। एक ऐप डाउनलोड करवा महिला से कोड पूछकर उसके मोबाइल को अपने से कनेक्ट किया और फिर खाते की रकम ट्रांसफर कर ली। शहर का ऐसा तीसरा मामला है। 
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कानपुर के काकादेव इलाके में पांडु नगर निवासी प्राइवेट कर्मी अमित अवस्थी ने बताया कि पत्नी स्वाती का खाता ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी बैंक) की रंजीत नगर शाखा में है। मंगलवार को उनके पास एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पेमेंट गेटवे मोबीविक का कस्टमर एक्जीक्यूटिव बताया। पत्नी के मोबाइल पर ‘एनी डेस्क ऐप’ डाउनलोड करवाया। फिर पत्नी से इसका कोड पूछ लिया। कुछ देर बाद उसके खाते से 80 हजार रुपये पार कर दिए। इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने बताया कि बैंक डिटेल से पता किया जा रहा है कि पैसा कहां और किसके खाते में भेजा गया।

 

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यह होता है ‘एनी डेस्क एप’

प्ले स्टोर पर आसानी से यह ऐप उपलब्ध है। साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा ने बताया कि जब किसी मोबाइल को दूसरे से कनेक्ट करना होता है तो इस ऐप का इस्तेमाल किया जाता है। जिस दो मोबाइल को कनेक्ट करना होता है, उनमें यह ऐप डाउनलोड करना होगा। दोनों का कोड स्क्रीन पर एक आईडी के तौर पर लिखा होता है। ये कोड साझा करने के बाद दोनों एक दूसरे के मोबाइल को एक्सेस (ऑपरेट) कर सकते हैं।

एक्सपर्ट की सलाह
साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने बताया कि इस तरह का ऐप अगर डाउनलोड किया है तो उसकी आईडी (कोड) किसी से भी साझा न करें।
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