इन्हीं खातों में आता था। जब पुलिस ने पूछा कि इन रुपयों का वह क्या करता है ? तो उसने पुलिस को कई बातें बताईं, जो सार्वजनिक नहीं की गई हैं। पुलिस इन्हीं बताए गए तथ्यों के जरिये कोर्ट से 14 दिन की रिमांड मांगेगी। डॉ. रिजवान ने बताया कि वह बांग्लादेश में भी हवाला का कारोबार करता था। बांग्लादेशी पासपोर्ट पर भी वह कई विदेश यात्रा कर चुका है। हालांकि पूछताछ के दौरान वह कहता रहा कि उसने न ही बांग्लादेश के साथ गद्दारी की है न ही भारत की जासूसी की है। हालांकि पाकिस्तानी में उसके किन लोगों से संबंध हैं उसका ब्योरा डॉ. रिजवान ने नहीं दिया।
दोबारा रिमांड मांगेगी पुलिस
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि अब पुलिस एक बार फिर से रिमांड के लिए सोमवार को कोर्ट में अर्जी दाखिल करेगी। रिजवान के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के पुख्ता साक्ष्य कोर्ट सामने पेश करके 14 दिनों का रिमांड मांगा जाएगा, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां भी एक बार फिर रिमांड के दौरान डॉ. रिजवान से पूछताछ कर सकती हैं।
दरअसल, मूलगंज से पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक डॉ. रिजवान से पूछताछ के लिए पुलिस ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा बताते हुए कोर्ट से 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन बांग्लादेशी के खिलाफ लगाए गए आरोप का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी थी। इसके चलते कोर्ट ने पुलिस को महज नौ घंटे की कस्टडी रिमांड दी थी। सुबह करीब आठ बजे पुलिस की टीम जेल पहुंची। जहां कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस उसे एक गुप्त स्थान पर ले गई जहां पूछताछ की।