बांदा जिले में कालिंजर थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। फैसला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने सुनाया। दोष सिद्ध हुए आरोपियों में दो जमानत पर बाहर चल रहे थे, जबकि एक आरोपी पहले से ही जेल में निरुद्ध था। घटना 16 मई 2017 की शाम करीब पांच बजे की है।
कालिंजर कस्बा निवासी 16 वर्षीय किशोरी साइकिल से ईंट पाथने के लिए अरजरियन पुरवा जा रही थी। रास्ते में ही वह अचानक लापता हो गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद यूपी-100 पर सूचना देकर पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि तरहटी निवासी संतू पिछले कई महीनों से किशोरी को परेशान कर रहा था और उसी पर अपहरण का शक जताया। पुलिस जांच में बाद में किशोरी को थाना क्षेत्र की एक महिला विमला के घर से बरामद किया गया।