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Banda: नाबालिग से दरिंदगी के तीन दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई 20-20 साल की सजा, 20-20 हजार का अर्थदंड भी लगाया

Fri, 20 Mar 2026 06:03 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

Banda News: बांदा की विशेष पॉक्सो अदालत ने 2017 के सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीन दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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कोर्ट का फैसला - फोटो : FreePik
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विस्तार
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बांदा जिले में कालिंजर थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में शुक्रवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास और 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। फैसला विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने सुनाया। दोष सिद्ध हुए आरोपियों में दो जमानत पर बाहर चल रहे थे, जबकि एक आरोपी पहले से ही जेल में निरुद्ध था। घटना 16 मई 2017 की शाम करीब पांच बजे की है।

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कालिंजर कस्बा निवासी 16 वर्षीय किशोरी साइकिल से ईंट पाथने के लिए अरजरियन पुरवा जा रही थी। रास्ते में ही वह अचानक लापता हो गई। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद यूपी-100 पर सूचना देकर पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि तरहटी निवासी संतू पिछले कई महीनों से किशोरी को परेशान कर रहा था और उसी पर अपहरण का शक जताया। पुलिस जांच में बाद में किशोरी को थाना क्षेत्र की एक महिला विमला के घर से बरामद किया गया।

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आरोपी विमला अभी तक फरार
किशोरी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि संतू के साथ हमीरपुर जिले के राठ तहसील क्षेत्र के गोहानी गांव निवासी ठाकुरदास और रामस्वरूप ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाह प्रस्तुत किए गए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। मामले में एक अन्य महिला आरोपी विमला अभी तक फरार है। उसकी पत्रावली अलग कर दी गई है और उसकी गिरफ्तारी के बाद सुनवाई की जाएगी।
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