बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के पुत्र उमर अंसारी ने मंगलवार को यहां जेल में पिता से मुलाकात की। पिता से मिलने के बाद जेल के बाहर मीडिया से कहा कि जेल में उनके पिता अस्वस्थ हैं, लेकिन सरकार के इशारे पर यहां जेल में अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और इलाज नहीं करा रहे हैं। उधर, हाईकोर्ट के वकील को मुख्तार से मिलने की इजाजत नहीं दी गई।
उमर अंसारी ने कहा कि राजनैतिक द्वेष भावना से लगाए गए फर्जी मुकदमों में उनके पिता मुख्तार अंसारी 16 साल से जेल में हैं। एक दिन या एक घंटे की अदालत से सजा नहीं हुई। 61 साल की उम्र है। कई बीमारियां हैं। फिजियोथेरेपी न होने से कमर में तेज दर्द है, उनकी फिजियोथेरेपी नहीं कराई जा रही। छह माह में सिर्फ दो बार हुई है। उनका इलाज नहीं कराया जा रहा है। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने बेहतर इलाज कराने के आदेश दिए हैं।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि विधायक या उनकी लोकप्रियता को भले ही भूल जाइए, लेकिन प्रदेश के नागरिक व सीनियर सिटीजन हैं। इसका ख्याल रखा जाना चाहिए। मानवाधिकार का हनन कोई नहीं कर सकता। साथ ही कहा कि देश में कानून का राज है। कानून से ऊपर कोई अपने को न समझे। हम अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। उमर ने कहा कि उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अब जनता इसका फैसला करेगी।