रैनी रोड पर स्थित भव्य भवन में चल रहे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 400 सीटें स्वीकृत हैं। हाल ही में वर्तमान सरकार ने मेडिकल कालेज को एनॉटमी और फिजियोलॉजी में परास्नातक चिकित्सा शिक्षा की तीन सीटों की मंजूरी दे दी है।
राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज बांदा स्थापना के पांच साल बाद अब नए नाम से जाना जाएगा। प्रदेश सरकार ने मेडिकल कालेज का नामकरण कर दिया है। अब यह रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज के नाम से जाना जाएगा।
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नामकरण संबंधी यह शासनादेश शनिवार (13 नवंबर) को प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने जारी किया। इसमें कहा गया है कि शासन ने यह निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति और निर्माण बसपा सरकार में वर्ष 2009 में शुरू हुआ था। तत्कालीन मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने स्वीकृत कराया था। वर्ष 2016 में इसके लोकार्पण की रस्म तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने की थी।
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शहर के नरैनी रोड पर स्थित भव्य भवन में चल रहे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 400 सीटें स्वीकृत हैं। हाल ही में वर्तमान सरकार ने मेडिकल कालेज को एनॉटमी और फिजियोलॉजी में परास्नातक चिकित्सा शिक्षा की तीन सीटों की मंजूरी दे दी है। यह किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से संबद्ध है।