कानपुर के सिविल लाइंस में नजूल की जमीन कब्जाने के प्रयास में जेल में बंद अवनीश दीक्षित और उसके वसूलीबाज साथियों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अब तक दर्ज हुए नौ मामलों के अलावा अवनीश व उसके साथियों पर चल रहे अन्य मुकदमों को सूचीबद्ध कर साथियों की लिस्ट बनाई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि विकास दुबे के बाद अवनीश दीक्षित का गिरोह शहर का दूसरा सबसे बड़ा गैंग हो सकता है। विकास दुबे के गैंग में 56 लोग थे। अभी तक की जांच में पुलिस ने अवनीश और उसके 36 से ज्यादा गुर्गों को चिह्नित किया है।
इन गुर्गों पर या तो आपराधिक मामले दर्ज हैं या उनके नाम मामलों की जांच में सामने आ रहे हैं। पुलिस अभी और शिकायतों के दर्ज होने का इंतजार कर रही है। एक बार मुकदमे दर्ज होने की प्रक्रिया धीमी होगी तो पूरे गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अवनीश पर अब तक 14 मामले दर्ज
अकेले अवनीश पर अब तक 14 मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें सात मामले पिछले दस दिन में दर्ज हुए हैं, जबकि पहले से दर्ज सात मामलों में पुलिस या तो जांच शुरू कर चुकी है या नए सिरे से जांच की तैयारी में है।
नौ दिन में नौ मुकदमे, चार और की तैयारी
नौ दिन में नौ मुकदमे दर्ज होने के बाद अब चार और रंगदारी के मुकदमे दर्ज होने की तैयारी है। कारण, सोमवार को बिधनू क्षेत्र स्थित एक स्कूल के शिक्षक समेत चार लोगों ने अवनीश व उनके करीबियों के खिलाफ वसूली, जमीन कब्जाने समेत अन्य आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर से शिकायत की।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर बताया कि सभी मामलों की जांच संबंधित क्षेत्र के डीसीपी को सौंपी गई है। डीसीपी जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
अवनीश और उसके साथी संगठित गैंग बनाकर जमीनों पर कब्जा करने के अलावा लोगों से रंगदारी वसूलते थे। इन सभी का आपराधिक इतिहास निकालकर सूचीबद्ध किया जा रहा है। जल्द ही अवनीश व उसके गैंग को पंजीकृत किया जाएगा।- अखिल कुमार, पुलिस कमिश्नर