न्यायालय ने सीमा परिहार व सके गिरोह के सदस्य रहे तीन साथियों को अपहरण करने का दोषी मानकर सभी को जेल भेज दिया है। साथ ही सजा का निर्णय बुधवार 21 फरवरी को सुनाने के लिए सुरक्षित कर लिया है। इस बीच कोर्ट ने पुलिस से यह भी जानकारी मांगी है कि दस्यु जीवन छोड़कर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद कोई भी अपराध इन दोषियों ने किया है या नहीं।
ट्यूबवेल पर लेटकर खेतों में पानी लगा रहा था
अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्रा व एडीजीसी मुकेश कुमार पोरवाल ने बताया कि 19/20 मार्च 1994 की रात 12:30 बजे की यह घटना कोतवाली औरैया में पंजीकृत हुई थी। तब औरैया इटावा जिले के अंतर्गत आता था। इसमें ग्राम गढि़या बक्सीराम निवासी श्रीकृष्ण त्रिपाठी पुत्र रामसनेही ने रिपोर्ट में लिखा कि उसका 25 वर्षीय भाई प्रमोद कुमार त्रिपाठी अपने ट्यूबवेल पर लेटकर खेतों में पानी लगा रहा था।
आरोप पत्र के आधार पर न्यायालय में चलता रहा मुकदमा
तभी रात में 10 से 15 सशस्त्र बदमाश ट्यूबवेल पर आए और दरवाजा खुलवाकर प्रमोद कुमार त्रिपाठी को पकड़ कर अजनपुर की तरफ चले गए। बाद में गिरोह की पहचान दस्यु लालाराम-सीमा परिहार आदि के रूप में हुई। थाने में अपहरण का यह मुकदमा दर्ज हुआ। बाद में यह पकड़ किसी तरह से गिरोह के चंगुल से छूट कर घर आईं। दी गई जानकारी पर यह मुकदमा आरोप पत्र के आधार पर न्यायालय में चलता रहा।
औरैया जिला बनने पर यहां ट्रांसफर हो गया मामला
पहले यह मामला इटावा में चला, बाद में औरैया जिला बनने पर यहां ट्रांसफर हो गया। दस्यु सरगना लालाराम की मौत हो चुकी है। मौजूद सीमा परिहार (50) पुत्री शिरोमणि सिंह निवासी बबाइन अयाना, रामकिशन उर्फ किशना पुत्र प्रभूदयाल लोधी निवासी नवलपुर अयाना, छोटे सिंह पुत्र कुंजीलाल निवासी शेखपुर अयाना व अनुरूद्ध पुत्र श्याम बिहारी निवासी सुंदरपुर औरैया के विरूद्ध यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम औरैया सुनील कुमार सिंह के समक्ष चला। मंगलवार को इसका निर्णय सुनाया गया।