हैंडपंप और सबमर्सिबल से आग पर पाया काबू
इस पर उसने शोर मचाते हुए परिवार के सभी लोगों को जगाकर किसी तरह से बाहर निकाला। सूबेदार की पत्नी अर्चना ने झोपड़ी में बंधे मवेशियों को भी बाहर किया। शोर सुनकर काफी संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। आसपास के मकानों में लगे हैंडपंप और सबमर्सिबल से आग पर पानी डालकर बुझाने में जुट गए।
दोनों झोपड़ियों की गृहस्थी जलकर राख
लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, लेकिन इस बीच आग ने दोनों झोपड़ी व उसमें रखा गृहस्थी का सामान, 10 हजार रुपये की नकदी, चारपाई, रजाई, गद्दा, कपड़े, गेहूं, भूसा व एक बोरी सरसों आदि सब जलकर राख हो गए।
लेखपाल ने किया नुकसान का आंकलन
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गजेंद्र सिंह की सूचना पर क्षेत्रीय लेखपाल स्वाति विश्नोई मौके पर पहुंची और आग से हुए नुकसान का आंकलन किया। लेखपाल ने बताया की आंकलन के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी।