सेवानिवृत्त कर्मचारी से पेंशन की फाइल पास कराने व चिकित्सीय अवकाश के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत लेने वाले बिजली विभाग के कर्मचारी को एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
औरैया जिले में सेवानिवृत्त कर्मचारी से रिश्वत लेने वाला बिजली विभाग का कर्मचारी एंटी करप्शन टीम के हत्थे गया। टीम ने आरोपी कर्मचारी को कानपुर के रतनलाल नगर स्थित पेट्रोल पंप के पास पीड़ित से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर गोविंद नगर थाना में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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बिजली विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन फाइल व अन्य वित्तीय कार्यों को पूरा कराने के लिए उसे छह महीने से टरकाया गया। इसके बाद रिश्वत के जरिए फाइल पास कराने का आश्वासन दिया गया। सेवानिवृत्त कर्मचारी ने मामले में एंटी करप्शन थाना कानपुर में संपर्क किया। टीम ने बिजली विभाग के कर्मचारी को पीड़ित से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
एंटी करप्शन टीम को पांच अप्रैल को शिकायतकर्ता कानपुर नगर के थाना चकेरी रामपुरम कंचन बिहार निवासी सेवानिवृत लेखाकार अनिल कुमार शर्मा ने पूरा मामला बताया। कहा कि वह औरैया विद्युत वितरण खंड दक्षिणांचल कार्यालय में 10 मार्च 2016 से 30 जून 2023 तक तैनात थे। 30 जून 2023 को वह सेवानिवृत्त हो गए।
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इसके बाद पेंशन व चार माह के चिकित्सीय अवकाश के संबंध में वेतन स्वीकृति को लेकर उन्होंने औरैया कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू किए। तीन माह पूर्व चिकित्सा अवकाश का वेतन निगम से जारी हो गया। लेकिन, न पेंशन की फाइल निगम को भेजी गई और न ही जारी वेतन का भुगतान किया गया। इसे रोककर अधिशासी अभियंता कार्यालय औरैया के सहायक कार्यकारी संदीप कुमार दुबे ने उससे 40 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। किसी तरह बातचीत पर बात 10 हजार रुपये में बन गई।
मामले में सेवानिवृत्त बिजली कर्मी ने एंटी करप्शन टीम से रिश्वतखोरी में न्याय दिलाए जाने की मांग की। इस पर एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। मोबाइल फोन पर पीड़ित व आरोपी के बीच बातचीत के बाद कानपुर के रतनलाल नगर में लेनदेन हो जाने की बात तय हुई। मंगलवार शाम साढ़े सात बजे के बाद एंटी करप्शन की टीम व पीड़ित तय स्थान पर पहुंचे। जैसे ही सहायक कार्यकारी कर्मचारी को पीड़ित ने 10 हजार रुपये थमाए, इसी पर एंटी करप्शन टीम ने धर दबोचा। आरोपी को रुपयों के लेनदेन के साक्ष्य समेत गोविंद नगर थाना ले जाया गया। जहां एंटी करप्शन टीम ने मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोपी को जेल भेजा। उधर, मामले की जानकारी होने पर बिजली विभाग के कर्मचारियों में खलबली मच गई।
पहले पीड़ित के अंडर में काम करता था आरोपी
पीड़ित अनिल कुमार शर्मा औरैया बिजली घर कार्यालय में 30 जून 2023 से पहले लेखाकार पद पर तैनात थे। इनकी देखरेख में अधिशासी अभियंता कार्यालय का सहायक कार्यकारी संदीप कुमार दुबे काम करता था। विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना था कि दोनों लोग करीबी थे। दोनों के बीच अच्छी खासी बनती थी। दोनों कानपुर के रहने वाले थे। दोनों का साथ कानपुर आना-जाना भी रहता था। ऐसे में अचानक रिश्वत का खेल किसी को समझ नहीं में नहीं आ रहा।
बेसिक शिक्षा विभाग, बैंक और अब बिजली विभाग
जिले में रिश्वत लेने के मामले में पकड़े गए लोगों में सबसे पहले बेसिक शिक्षा विभाग में 2018 से शुरूआत हुई। बीएसए के एक बाबू को विजिलेंस टीम के पकड़ने का सिलसिला कुछ ऐसा चला कि बीएसए व उसके बाद बीईओ रिश्वत लेते पकड़े गए। पिछले दिनों कुदरकोट स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर को सीबीआई की विशेष एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते पकड़ा था। अब बिजली विभाग के कर्मचारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते धरा गया है।