पीड़ित पिता को चेक देते सीएमओ व एसडीएम
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एरवाकटरा क्षेत्र में दो मासूमों को गलत सिरप पिलाने के बाद एक की मौत हो गई थी। मामले में प्रशासन ने आर्थिक मदद के रूप में शनिवार को परिजन को एक लाख की चेक सौंपी। डीएम व एसपी ने भी शुक्रवार को पीड़ित के घर जाकर मदद का भरोसा दिया था।
पिछले सप्ताह पटना बेला निवासी सचिन और उनकी पत्नी नेहा मुंडन कार्यक्रम के बाद अपने दो मासूम रोहन (करीब डेढ़ वर्ष) एवं सोहन (करीब सात माह) बच्चों के साथ एरवाकटरा के कराहना गांव स्थित रिश्तेदारी में रुके थे। बच्चों को खांसी आने पर उन्होंने घर में रखा बड़ों के इस्तेमाल करने वाला सिरप मासूमों को पिला दिया था। इसके बाद दोनों बच्चे सो गए। कुछ समय बाद दोनों बच्चे की हालत बिगड़ी और बड़े बच्चे रोहन की मौत हो गई। दूसरे बच्चे की स्थिति गंभीर होने पर पहले बिधूना अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सैफई रेफर किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह, न्यायिक एसडीएम अमित त्रिपाठी और ड्रग इंस्पेक्टर ज्योत्सना आनंद ने सीएचसी अधीक्षक डाॅ. बीपी शाक्य की मौजूदगी में सिरप बेचने वाले गुरुप्रसाद क्लीनिक को सील कर दिया था।
शनिवार को सीएमओ और एसडीएम गरिमा सोनकिया ने पटना बेला स्थित सचिन के घर पहुंचकर एक लाख की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। एसडीएम ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।