कानपुर। कनाडा में रहने वाली एनआरआई महिला ने चकेरी थाना क्षेत्र में अपने प्लॉट पर कब्जे का प्रयास कर दीवार व गेट तोड़ने का आरोप लगाया। पुलिस ने धर्मेंद्र सिंह यादव उर्फ धर्मू और आफताब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कनाडा की एनआरआई नजमा जावेद ने दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया कि वर्ष 1989 में उन्होंने अपनी बहन रूमा अहमद के साथ वहीदुज्जमां से चरारी गांव में लगभग 541.23 वर्गगज का प्लॉट खरीदा था। दोनों बहनों ने संपत्ति को दो हिस्सों में विभाजित कर लिया। रूमा को 300 वर्गगज और उन्हें 241.23 वर्गगज मिली। संपत्ति रिकॉर्ड में उनके नाम दर्ज हैं।
आरोप है कि कनाडा में रहने के कारण भूमाफियाओं ने उनकी संपत्ति हड़पने की साजिश की। करीब 120 वर्गगज प्लॉट के हिस्से में निर्माण शुरू कर दिया। प्लॉट में की गई तोड़़फोड़ से अब तक उन्हें आठ लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। बताया कि वर्ष 2017 में भी भूमाफियाओं ने उनकी संपत्ति हड़पने की कोशिश की थी और परिवार व मजदूरों को जान से मारने की धमकी दी थी। इस पर बेटे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद वर्ष 2024 में लगातार धमकियों और दबाव के कारण बहन रूमा को अपनी संपत्ति पांच लोगों को बेचनी पड़ी। पीड़िता के अनुसार उन्हें पूरा संदेह है कि उनकी बहन की सेल डीड का गवाह धर्मेंद्र सिंह यादव उर्फ धर्मू, इन अवैध गतिविधियों के पीछे सूत्रधार है।
जनवरी 2025 में बेटे ने चकेरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने संपत्ति का दौरा किया और गेट पर ताले लगवाए। अगले ही दिन अज्ञात व्यक्तियों ने ताले तोड़ दिए और गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी दी। इस पर उन्होंने डीएम, डीसीपी पूर्वी, एसीपी, मुख्यमंत्री पोर्टल और जनसुनवाई प्रणाली समेत संबंधित अधिकारियों से शिकायत की। इस संबंध में चकेरी इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा के अनुसार धर्मेंद्र सिंह और आफताब पर आपराधिक साजिश, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, गृह अतिचार, चोरी और धमकाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।