मामले का संज्ञान लेते हुए गुरुवार दोपहर को सिपाही राजीव यादव लाइन हाजिर कर दिया गया। प्रबल सोलंकी पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। इन दोनों सिपाहियों की विभागीय जांच एडीसीपी साउथ मनीष सोनकर कर रहे हैं। विभागीय जांच पूरी होने के बाद दोनों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
खिलाड़ी दरोगा बेचैन, पैरवी में जुटा
क्राइम ब्रांच में कई दागी पुलिसकर्मी हैं, जो तमाम तरह के खेल कर उगाही करते हैं। इसी क्रम में वहां पर तैनात एक दरोगा भी शामिल है। अपराधियों से सांठगांठ में ये दरोगा माहिर है। कई वर्षों से वह क्राइम ब्रांच व स्वॉट टीम में ही टिका है। कमिश्नरी लागू होने से पहले भी उसका दबदबा था और अभी भी है। खुद बचाव के लिए दरोगा पैरवी कराने में जुटा है।
खुन्नस से बर्बाद हो रही क्राइम ब्रांच
क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों के बीच ही तनातनी चलती है। खुन्नस इस कदर है कि घटना संबंधी जानकारियां भी एक दूसरे से साझा नहीं करते हैं। इससे घटना के खुलासे में दिक्कतें होती हैं। खासकर सर्विलांस का डाटा मिलना मुश्किल हो जाता है। इस वजह से कई दरोगा व सिपाही घटना की जांच से खुद को अलग कर लेते हैं।