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एटीएम हैकिंग मामला: विवादों में क्राइम ब्रांच, हैकर से पुलिसकर्मियों की सांठगांठ, एक सिपाही लाइन हाजिर

Fri, 22 Apr 2022 10:45 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

एटीएम से छेड़छाड़ करने वाले शातिर की गिरफ्तारी के बाद से ही क्राइम ब्रांच के कई पुलिसकर्मी सवालों के घेरे में हैं। इस मामले में डीसीपी क्राइम ने एक सिपाही पर कार्रवाई  करते हुए लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, दूसरे सिपाही पर जांच चल रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में एटीएम से छेड़छाड़ कर रकम पार करने वाले गिरोह में शामिल होने के विवादों में फंसे क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। क्राइम ब्रांच/डीसीआरबी में तैनात सिपाही राजीव यादव को बुधवार को डीसीपी क्राइम ने लाइन हाजिर कर दिया। एक अन्य सिपाही पर फिलहाल जांच जारी है।

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वहीं, खेल करने में माहिर दरोगा परेशान है। वह इधर-उधर पैरवी कराने में जुटा है, जिससे उसकी तैनाती क्राइम ब्रांच से हट न जाए। इस पूरे प्रकरण को पुलिस कमिश्नर ने बेहद गंभीरता से लिया है। उनकी निगरानी में विभागीय जांच शुरू हुई है। 
क्राइम ब्रांच ने तीन दिन पहले एटीएम से छेड़छाड़ कर रकम पार करने वाले शातिर अमित चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में हेड कांस्टेबल अमित चौधरी भी नामजद आरोपी बनाया गया है। वह अभी भी फरार है। अमर उजाला ने खुलासा किया था कि किस तरह से सिपाही राजीव यादव की अपराधियों से सांठगांठ है। सटोरियों से भी वसूली करता है। इसमें सिपाही प्रबल का भी नाम सामने आ रहा है।

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मामले का संज्ञान लेते हुए गुरुवार दोपहर को सिपाही राजीव यादव लाइन हाजिर कर दिया गया। प्रबल सोलंकी पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। इन दोनों सिपाहियों की विभागीय जांच एडीसीपी साउथ मनीष सोनकर कर रहे हैं। विभागीय जांच पूरी होने के बाद दोनों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है। 

खिलाड़ी दरोगा बेचैन, पैरवी में जुटा 
क्राइम ब्रांच में कई दागी पुलिसकर्मी हैं, जो तमाम तरह के खेल कर उगाही करते हैं। इसी क्रम में वहां पर तैनात एक दरोगा भी शामिल है। अपराधियों से सांठगांठ में ये दरोगा माहिर है। कई वर्षों से वह क्राइम ब्रांच व स्वॉट टीम में ही टिका है। कमिश्नरी लागू होने से पहले भी उसका दबदबा था और अभी भी है। खुद बचाव के लिए दरोगा पैरवी कराने में जुटा है। 
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खुन्नस से बर्बाद हो रही क्राइम ब्रांच
क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों के बीच ही तनातनी चलती है। खुन्नस इस कदर है कि घटना संबंधी जानकारियां भी एक दूसरे से साझा नहीं करते हैं। इससे घटना के खुलासे में दिक्कतें होती हैं। खासकर सर्विलांस का डाटा मिलना मुश्किल हो जाता है। इस वजह से कई दरोगा व सिपाही घटना की जांच से खुद को अलग कर लेते हैं। 
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