:ताखा के कंपोजिट विद्यालय बकौली में टिपिन में हाथों से खाना खाते बच्चे, थाली और चम्मच से खाना ख
- फोटो : :ताखा के कंपोजिट विद्यालय बकौली में टिपिन में हाथों से खाना खाते बच्चे, थाली और चम्मच से खाना खाते बीएसए डॉ. राजेश कुमार।
इटावा। डीएम की सख्ती के बाद बुधवार को बीएसए डॉ. राजेश कुमार ने जिले के परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस बीच उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर मिड-डे मील भोजन भी ग्रहण किया। हालांकि जिस विद्यालय में उन्होंने भोजन किया, वहां बच्चों को थालियां भी उपलब्ध नहीं थी। बच्चे घर से लेकर आए टिफिन में खाना खा रहे थे। जबकि बीएसए साहब के लिए थाली और चम्मच का इंतजाम किया गया था। तीन विद्यालयों के निरीक्षण में किसी भी विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता ठीक नहीं मिली, इसके लिए संबंधित शिक्षकों को तीन दिन में जवाब देने का नोटिस जारी किया गया है।
डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने परिषदीय स्कूलों का निरीक्षण किया था और स्कूलों में बच्चों की घटती उपस्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए बीएसए को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि बीएसए सहित विभाग के अन्य अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण ही नहीं कर रहे है,ऐसे में बच्चों की उपस्थिति घटती जा रही है।
बुधवार को बीएसए डॉ. राजेश कुमार ने बसरेहर ब्लॉक क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय मसनाई का निरीक्षण किया। निरीक्षण में विद्यालय की रंगाई-पुताई अधूरी मिली, इसके साथ ही पंजीकृत 34 छात्रों में से मौके पर सिर्फ 19 छात्र मिले। विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। इससे पूरे स्टाफ को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। इसके बाद बीएसए की ओर से ताखा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बकौली का निरीक्षण किया। 120 पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष 53 छात्र उपस्थित मिले।
विद्यालय में दो हैंडपंप में एक खराब मिला। विद्यालय में एमडीएम तराजू से तौलकर नहीं बनाया जा रहा था, साफ-सफाई सही नहीं मिली। शिक्षकों की ओर से शिक्षक डायरी भी नहीं भरी गई। यहां भी बीएसए को शैक्षिक गुणवत्ता सही नहीं मिली और तीन दिन में जवाब देने का नोटिस जारी किया गया। निरीक्षण में सहायक अध्यापक राघवेंद्र कुमार, अनुदेशक योगेश्वर व शिक्षामित्र अंजली मिश्रा अनुपस्थित मिली। अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
ताखा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बकौली 120 पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष बुधवार को 53 छात्र-छात्राएं उपस्थित मिले। प्रधानाचार्य अवधेश सिंह राठौर ने बताया कि विद्यालय में 32 थालियां है, कुछ बच्चे थालियों में खाते है जबकि कुछ घर से टिपिन लेकर आते है। उनमें बच्चों को भोजन दिया जाता है। जल्द ही सभी बच्चों के लिए थालियों का इंतजाम किया जाएगा।