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जश्न में डूबा कन्नौज: सपा का गढ़ ध्वस्त करने वाले असीम को मिला स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री का तोहफा

Fri, 25 Mar 2022 08:29 PM IST
प्रशांत कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज। 

सार

इत्र नगरी कन्नौज में आज जश्न का माहौल है। सपा के गढ़ में कमल खिलाने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण को योगी कैबिनेट में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। लोगों में आशा जगी है कि अब जिले में विकास कार्यो की रफ्तार और तेज होगी। 
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असीम अरुण, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सपा के गढ़ को ध्वस्त करने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी असीम अरुण को प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का तोहफा मिला है। अमीम जिले से पांचवे ऐसे विधायक है, जिन्हें राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के रुप में बढ़ी जिम्मेदारी दी गई। इत्र नगरी के लोगों में आशा जगी है कि अब जिले में विकास कार्यो की रफ्तार और तेज होगी। 

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इससे पहले 1993 में छिबरामऊ विधानसभा सीट से विधायक रामप्रकाश त्रिपाठी भाजपा-बसपा के गठबंधन वाली सरकार में राज्यमंत्री बने थे। इसके बाद सदर विधान सभा से विधायक बिहारी लाल दोहरे 1985 में केबिनेट स्वास्थ्य मंत्री बने थे। जबकि 2012 में तिर्वा विधान सभा से विधायक विजय बहादुर पाल सपा सरकार में शिक्षा मंत्री रहे थे। जबकि 2017 में छिबरामऊ विधान सभा से विधायक चुनी गई अर्चना पांडेय को भी राज्यमंत्री पद से नवाजा गया था। असीम अरुण जिले के पांचवें राज्यमंत्री हैं।

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1994 बैच के आईपीएस अधिकारी
असीम अरुण का तीन अक्तूबर 1970 को बदायूं जनपद में जन्म हुआ था। इस समय उनके पिता श्रीराम अरुण बदायूं के पुलिस कप्तान थे। इसके बाद वह दो बार प्रदेश के डीजीपी भी रहे। मौजूदा समय असीम अरुण की बहन रश्मि अरुण शमी मध्यप्रदेश में शिक्षा प्रमुख के पद पर तैनात हैं।

 

कनाडा से किया परास्नातक
खाकी से खादी पहनकर मंत्री बने असीम अरुण ने लखनऊ के सेंट फ्रांसिंस कॉलेज से शिक्षा शुरू की थी। उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली पहुंचे और यहां सेंट स्टीफेंस कालेज से बीएससी की। इसके अलावा कनाडा से परास्नातक किया है। लंबे समय तक पुलिस सेवा के बाद वीआरएस देकर पहली बार चुनाव जीतें और राज्यमंत्री तक का सफर तय किया।

 
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जज्बा और बहादुरी से खूब रचे इतिहास
असीम अरुण, हाथरस, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, आगरा, अलीगढ़, गोरखपुर, कानपुर और लखनऊ में पुलिस अधिकारी के पद पर तैनात रहे। लखनऊ में एटीएस में रहते हुए उन्होंने ठाकुरगंज इलाके में आतंकी सैफुल्ला को मार गिराया था। 2009 में उन्होंने अमेरिका पुलिस की तर्ज पर पहली बार अलीगढ़ में स्वाट टीम गठित की थी। जबकि 112 डायल पुलिस सेवा में उन्होंने रहकर कई ऐतिहासिक कार्य किए है। 
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