1994 बैच के आईपीएस अधिकारी
असीम अरुण का तीन अक्तूबर 1970 को बदायूं जनपद में जन्म हुआ था। इस समय उनके पिता श्रीराम अरुण बदायूं के पुलिस कप्तान थे। इसके बाद वह दो बार प्रदेश के डीजीपी भी रहे। मौजूदा समय असीम अरुण की बहन रश्मि अरुण शमी मध्यप्रदेश में शिक्षा प्रमुख के पद पर तैनात हैं।
कनाडा से किया परास्नातक
खाकी से खादी पहनकर मंत्री बने असीम अरुण ने लखनऊ के सेंट फ्रांसिंस कॉलेज से शिक्षा शुरू की थी। उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली पहुंचे और यहां सेंट स्टीफेंस कालेज से बीएससी की। इसके अलावा कनाडा से परास्नातक किया है। लंबे समय तक पुलिस सेवा के बाद वीआरएस देकर पहली बार चुनाव जीतें और राज्यमंत्री तक का सफर तय किया।
जज्बा और बहादुरी से खूब रचे इतिहास
असीम अरुण, हाथरस, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, आगरा, अलीगढ़, गोरखपुर, कानपुर और लखनऊ में पुलिस अधिकारी के पद पर तैनात रहे। लखनऊ में एटीएस में रहते हुए उन्होंने ठाकुरगंज इलाके में आतंकी सैफुल्ला को मार गिराया था। 2009 में उन्होंने अमेरिका पुलिस की तर्ज पर पहली बार अलीगढ़ में स्वाट टीम गठित की थी। जबकि 112 डायल पुलिस सेवा में उन्होंने रहकर कई ऐतिहासिक कार्य किए है।