फोरलेन के लिए शासन से वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है
इसके लिए 22.69 करोड़ रुपये शासन से अवमुक्त भी हो चुके हैं जबकि चिचौली में 12.59 करोड़ रुपये से बनने वाले सेंगुर नदी पुल के लिए भी 6.29 करोड़ रुपये शासन से जारी हो चुके हैं। औरैया से ककोर तक बनने वाले फोरलेन के लिए शासन से वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अभी तक इसके लिए शासनादेश जारी न हो पाने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
सड़क का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है
वहीं, ककोर से लेकर बेला तक सड़क के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन में लंबे समय से अटका पड़ा है। इस प्रस्ताव को अभी तक वित्तीय स्वीकृति भी नहीं मिल पाई है। इस मार्ग पर असेनी से बेला तक सड़क का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क को फोरलेन किए जाने के इंतजार में विभाग कई बार इस सड़क की मरम्मत करा चुका है, लेकिन अभी तक न तो वित्तीय स्वीकृति मिली और न ही शासनादेश ही जारी हुआ।
ठेकेदार को कार्य आवंटन के लिए प्रक्रिया शुरू
इस पर पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड इकाई ने असेनी से बेला तक सड़क के नवीनीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। गुरुवार देर शाम शासन ने सड़क के नवीनीकरण के प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश में लगभग सात करोड़ की लागत से नवीनीकरण होने वाली इस सड़क के लिए एक लाख रुपए आवंटित भी कर दिया गया है। इसके बाद विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करके ठेकेदार को कार्य आवंटन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
असेनी से बेला तक लगभग 19 किलोमीटर (लगभग तीन किलोमीटर सीसी छोड़कर) सड़क के नवीनीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। असेनी से बेला 22 शासनादेश जारी होने की प्रत्याशा (आशा में) फरवरी में ही टेंडर निकाल दिया गया था। उस समय टेंडर ऑनलाइन नहीं किया गया था। गुरुवार रात शासनादेश जारी होते ही शुक्रवार को टेंडर ऑनलाइन कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया तेजी से पूरी करके 18 मार्च तक ठेकेदार को कार्य आवंटन कराने का प्रयास है। -विनोद कुमार यादव, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड