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Kanpur: धुंध बढ़ने के साथ सांस रोगियों की हालत बिगड़ी, दो की मौत...दमा से दम घुट गया, डॉक्टरों ने कही ये बात

Sun, 05 Nov 2023 04:07 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि ओपीडी में आने वाले और भर्ती होने वाले रोगियों की संख्या दोगुना हो गई है। पहले दमा और अस्थमा अटैक के औसत छह रोगी आते थे, अब 12-13 आ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ बढ़ती धुंध से कानपुर में सांस रोगियों की हालत बिगड़ रही है। सांस तंत्र में दिक्कत बढ़ने से शनिवार को दो रोगियों की मौत हो गई। इनका दमा से दम घुट गया। कई रोगी गंभीर हालत में हैलट समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। उनका वेंटिलेटर पर इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी-गर्मी के एक्सपोजर और प्रदूषण से रोगियों की हालत बिगड़ रही है।

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उर्सला में भर्ती नवाबगंज क्षेत्र के बाबूलाल (54) की मौत हो गई। उनकी सांस उखड़ गई थी। परिजनों ने उन्हें गंभीर हालत में भर्ती किया था। इसी तरह काकादेव के विश्वनाथ (62) की दमा का अटैक पड़ने से मौत हुई है। उनका डॉ. मुरारीलाल अस्पताल में ओपीडी स्तर पर इलाज चल रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल ले गए, वहां वेंटिलेटर की जरूरत बताकर रोगी हैलट भेजा गया। बाद में रोगी की मौत हो गई।

जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ेगा, रोगियों की समस्या और बढ़ेगी
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी (संचारी रोग) डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि धुंध बढ़ने के कारण सांस रोगियों की दिक्कत बढ़ रही है। जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ेगा रोगियों की समस्या और बढ़ेगी। रोगियों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण में मौजूद एलर्जेंट से सांस नली की सूजन बढ़ जाती है। दमा के रोगियों के फेफड़ों का लचीलापन कम हो जाता है।
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ओपीडी में आने वाले और भर्ती होने वाले रोगियों की संख्या दोगुना
सांस नली संकरी हो जाती है, जिससे कार्बन डाई आक्साइड निकल नहीं पाती। डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि ओपीडी में आने वाले और भर्ती होने वाले रोगियों की संख्या दोगुना हो गई है। पहले दमा और अस्थमा अटैक के औसत छह रोगी आते थे, अब 12-13 आ रहे हैं। यही स्थिति भर्ती होने वाले रोगियों की है।
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