उत्तर प्रदेश का एक इलाका ऐसा भी है जो चूहों की फौज से त्रस्त है। इस फौज ने यहां रह रहे लोगों की नाक में दम कर रखा है। इसके नमूने आए दिन मिलते रहते हैं। तो लिजिए पेश हैं इस फौज का ये नया नमूना...
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चूहों ने पूरे बांदा शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा दी। पावर कॉरपोरेशन को करीब ढाई लाख रुपये की चपत लग गई और आधे से ज्यादा शहर के लोग 12 घंटे बिन बिजली रहे। उधर, भूरागढ़ फीडर की 33केवी लाइनें दो स्थानों पर टूट गईं। नतीजे में इस फीडर से जुड़े शहर के करीब आधा दर्जन मोहल्ले और कुछ ग्रामीण इलाकों में छह घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही।
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उमस और गर्मी के बीच पंखों की हवा के बीच सो रहे शहर के लोगों की नींद तड़के 3:15 बजे बिजली गुल होते ही खुल गई। मुख्य शहर के बलखंडी नाका, स्टेशन रोड, पीली कोठी, जीजीआईसी, छोटी बाजार, छाबी तालाब, कोतवाली रोड, अलीगंज, डीएवी कालेज रोड, मनोहरीगंज आदि अंधेरे में डूब गए। पीली कोठी स्थित सब स्टेशन धमाके के साथ ठप हो गया। कुछ देर बाद पावर कारपोरेशन कर्मियों ने मशीनें खोली तो अंदर चूहा करंट से झुलसी अवस्था में मरा मिला।
पीली कोठी 33केवी सब स्टेशन में जले ब्रेकर बदलते विभागीय कर्मचारी और अवर अभियंता।
- फोटो : अमर उजाला
चूहे की धमाचौकड़ी से शार्ट सर्किट हुआ और छोटी बाजार फीडर का 11केवी का ब्रेकर बर्स्ट हो गया। सुबह से ही इसके बदलने का काम एसडीओ रवींद्र कुमार और अवर अभियंता कांता प्रसाद की मौजूदगी में शुरू हुआ। चूहा निकाल कर फेंका गया। फुंके ब्रेकर की कीमत लगभग ढाई लाख रुपये बताई गई है। दोपहर बाद 3:40 बजे पीली कोठी सब स्टेशन चालू हो पाया। 12 घंटे से ज्यादा हजारों उपभोक्ता बिन बिजली गर्मी में परेशान रहे। सुबह जलापूर्ति बाधित रही और दुकानों और कारखानों का काम प्रभावित हुआ।
-चूहे ने गुल की 12 मोहल्लों की बिजली, ब्रेकर फुंका
-पीली कोठी सब स्टेशन 12 घंटे बंद रहा
-भूरागढ़ फीडर में भी दो जगह लाइनें टूटी, छह घंटे गुल रही बिजली