फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने एक और सहायक शस्त्र लिपिक कार्तिकेय यादव को भी बर्खास्त कर दिया है। इससे करीब ढाई माह पहले एक अन्य सहायक शस्त्र लिपिक विनीत तिवारी को भी जिलाधिकारी ने बर्खास्त किया था।
180 फर्जी शस्त्र लाइसेंस जारी करने के मामले में कार्तिकेय को भी आरोपी बनाया गया था। फिलहाल उसकी तैनाती एसीएम-6 के कार्यालय में थी। जांच में उस पर लगे आरोप सही पाए गए। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में एक-दो कर्मचारियों पर और गाज गिरेगी।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, कार्तिकेय ने कोरियां गांव निवासी बाबू नासिर के शस्त्र लाइसेंस के बुकलेट पर कठारा गांव निवासी महिला संध्या सिंह के नाम रिवॉल्वर लाइसेंस दर्ज कर दिया था। यह लाइसेंस 30 सितंबर 2020 को जारी किया गया था। फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण के दौरान ये मामला भी सामने आया।
सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता ने इसकी जांच की तो सहायक लिपिक पर लगे आरोप सही पाए गए। मामले में एडीएम सिटी अतुल कुमार ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बर्खास्तगी की संस्तुति की थी। इस पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई की।