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Kanpur News: अफसरों की मनमानी, जांच रिपोर्ट में बारिश से पहले दिखा दिए काम

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फोटो 22:::30 जुलाई के अंक में छपी खबर की पीडीएफ।
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इटावा। मनरेगा में पुराने कामों की वेबसाइट पर फोटो लगाकर नए काम दिखाकर रुपये निकालने के बारे में अमर उजाला ने कई खबरें प्रकाशित की थीं। इस मामले की उच्चाधिकारियों के आदेश पर जांच करवाई गई तो अफसरों ने जांच करने में 20 दिन लगा दिए। जांच रिपोर्ट तैयार की तो सभी ने एक जैसा गोलमोल जवाब दे दिया। वहीं, एक मामले में अभी तक जांच ही शुरू नहीं हुई है। विभागीय अफसरों की उदासीनता से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
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अमर उजाला ने 30 जुलाई 2025 को बारिश के मौसम में जाड़े की तस्वीर ने खोला मनरेगा का फर्जीवाड़ा व 31 जुलाई को बारिश में दिनभर काम करते रहे 2,975 मनरेगा श्रमिक शीर्षक से खबरें प्रकाशित की थीं। सीडीओ अजय कुमार गौतम ने इन खबरों का संज्ञान लेकर जांच करवाई। दो सदस्यीय जांच टीम में मनरेगा उपायुक्त राकेश प्रसाद व नहर विभाग के अधिशाषी अभियंता शामिल थे। टीम ने जांच करने में 20 दिन लगा दिए। इसमें त्योहार व कई छुट्टी होने का हवाला दिया।

पहले तो जांच रिपोर्ट देने में आज-कल करते रहे। रिपोर्ट दी तो सब गोलमाल दिखा दिया। मनरेगा उपायुक्त समेत पांच खंड विकास अधिकारियों ने लगभग एक जैसाी रिपोर्ट दी। सभी ने लिखा कि 29 जुलाई को बारिश से पहले मनरेगा मजदूरों ने काम कर लिया था। बारिश के दौरान काम बंद रहा। बारिश रुकने के बाद फिर काम किया गया।
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वहीं, 30 जुलाई को सुबह से लेकर शाम तक बारिश हुई थी। विभागीय अफसरों की रिपोर्ट की बात करें तो मजदूरों ने किस समय कच्चा काम कर लिया। वहीं, मनरेगा बेवसाइट पर अपलोड की गई फोटो में मनरेगा मजदूरों के पीछे बिल्कुल सूखी जमीन दिखाई पड़ रही है।
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अफसरों की रिपोर्ट में झोल

बीडीओ ने उच्चाधिकारियों को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें 29 जुलाई का जिक्र किया है। वहीं, खबर में 30 जुलाई को पूरे दिन बारिश होने व मनरेगा मजदूरों की पोर्टल पर हाजिरी चढ़ाए जाने की बात लिखी गई है। इसके अलावा बारिश के मौसम में हर जगह गीली जमीन व खेतों में पानी भरा है। वहीं, मनरेगा पोर्टल पर जो फोटो अपलोड की गई है, उसमें कहीं जमीन गीली नहीं दिखाई दे रही है।



एक मामले की अफसरों ने नहीं की जांच

जांच समिति ने तो एक मामले की जांच कर गोलमाल रिपोर्ट दे दी। दूसरे मामले की बारिश के मौसम में जाड़े की तस्वीर ने खोला मनरेगा का फर्जीवाड़ा की जांच नहीं की है। अफसरों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसकी जांच जल्द कराकर रिपोर्ट देंगे।

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रिपोर्ट की नहीं है जानकारी

अफसरों की दी गई रिपोर्ट की जानकारी नहीं है। रिपोर्ट में अगर स्पष्ट जवाब नहीं है तो मामले की दोबारा जांच करवाई जाएगी। अगर गड़बड़ी मिलती है तो जिम्मेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय होगी।
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-अजय कुमार गौतम, सीडीओ।

फोटो 22:::30 जुलाई के अंक में छपी खबर की पीडीएफ।

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