सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही एसआईटी को एक और केस से संबंधित दस्तावेज, गवाह व आरोपियों के बारे में जानकारी मिली है। लिहाजा एसआईटी ने विवेचना शुरू कर दी है। यह केस नौबस्ता थाने का है। दंगाइयों ने पिता व दो बेटों की हत्या कर दी थी। एसआईटी तमाम साक्ष्य जुटा चुकी है। यह केस चार्जशीट तक जाएगा। एक दर्जन से अधिक आरोपियों की पहचान की गई है। सत्यापन प्रक्रिया जारी है।
दंगों में शहर में भी 127 लोगों की हत्या हुई थी। शासन के निर्देश पर गठित एसआईटी केसों की जांच कर रही है। एसआईटी के डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि अब तक 11 केसों की विवेचना पूरी की जा चुकी है। 12वें केस की विवेचना पहले से जारी है।
इस बीच एक और केस से संबंधित तमाम दस्तावेज, गवाह, वादी और आरोपियों के नाम मिले हैं। यह नौबस्ता थाने का केस नंबर 498/84 है। केस विजेंदर कौर ने दर्ज कराया था। इसमें उनके पति गुरुमेंद्र सिंह, ससुर नगीना सिंह व देवर की हत्या कर दी गई थी।
89 आरोपी, 70 जिंदा
एसआईटी ने 11 केसों के 67 आरोपियों की पहचान की थी। वहीं अब नजीराबाद थाने के 351/84 केस व अब जो नया 13वां केस खुला है, इन दोनों को मिलाकर 22 आरोपियों के नाम सामने आए हैं। इस हिसाब से 13 केसों के 89 आरोपियों की पहचान की जा चुकी है। 70 आरोपी जीवित हैं। सभी पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है। नजीराबाद वाले केस में गुरुचरण सिंह व अमोलक सिंह की हत्या की गई है। इसमें एसआईटी को पांच अहम गवाह भी मिले। अकेले इसी केस में 15 आरोपी हैं।