आरोपियों ने जमानत के लिए दी अर्जी
एसआईटी ने बुधवार को राघेवंद्र की बस के ड्राइवर सैफुल्ला, कंडक्टर अब्दुल रहमान, विजय नारायण और योगेंद्र सिंह को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। एसआईटी के मुताबिक चारों ने कोर्ट में जमानत अर्जी डाली है, जिसके संबंध में कोर्ट ने आख्या मांगी है। एक दो दिन में जमानत अर्जी पर सुनवाई होगी, जिसमें एसआईटी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य कोर्ट के सामने पेश करेगी।
राघवेंद्र ने कोर्ट में दी सरेंडर की अर्जी
सिख विरोधी दंगे में वांछित राघवेंद्र ने आत्मसमर्पण के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। उसने कोर्ट में दिए गए प्रार्थनापत्र में कहा है कि अगर वह दोषी है, तो संबंधित मामले में उसे अदालत के सामने पेश होने की अनुमति दी जाए। सिख विरोधी दंगे के चार आरोपियों को घाटमपुर से गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेजा गया है। एसआईटी का दावा है कि आरोपी राघवेंद्र कुशवाहा से जुड़े हुए हैं। निराला नगर में हुए हत्याकांड का मुख्य आरोपी राघवेंद्र ही है, जो दो बसों में लोग भरकर लाया था। जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर उसको आरोपी बनाया है। एसीपी बाबूपुरवा आलोक सिंह के मुताबिक राघवेंद्र के जरिये कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दी गई है, जिसमें पूछा गया है कि क्या वह इस केस में आरोपी है। वह पूर्व में हुई जांच में दोषमुक्त हो चुका है। अगर दोषी है तो उसे बताया जाए, ताकि वह कोर्ट के सामने पेश हो सके।
आरोपियों में बहस, एक दूसरे पर लगाए आरोप
जब से एसआईटी ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था, तब वह एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। कचहरी के बाद जेल में भी आपस में उनकी तीखी बहस हुई। वह एक दूसरे से कह रहे थे कि उनकी वजह से वह फंसे हैं। वह एक दूसरे से यह भी कह रहे थे, तो तुम भी दंगे में शामिल थे।
70 पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
एसआईटी की पहली गिरफ्तारी के बाद सिख विरोधी दंगों से जुड़े कई आरोपी अंडरग्राउंड हो गए हैं। अभी तक एसआईटी नोटिस देकर आरोपियों से पूछताछ करती थी। वे नोटिस मिलने के बाद बयान भी देते थे। बुधवार को चार को अचानक जेल भेज दिया गया। सूत्रों के मुताबिक यह देख कई आरोपी अंडरग्राउंड हो गए। अब उन्हें पकड़ना एसआईटी के लिए बड़ी चुनौती है। एसआईटी ने केस में कुल 96 लोगों को आरोपी बनाया है। 22 की मृत्यु हो चुकी है। 74 में से चार गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 70 की गिरफ्तारी शेष है।