सिख विरोधी दंगों की एसआईटी का गठन फरवरी 2019 को किया गया था। तब से बालेंदु भूषण की उसमें तैनाती रही है। केसों की विवेचनाएं अंतिम दौर में हैं। 28 आरोपी भी जेल भेजे जा चुके हैं।
आईपीएस बालेंदु भूषण को सिख विरोधी दंगा एसआईटी में डीआईजी का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। इस संबंध में शासन ने सोमवार को आदेश जारी कर दिया है। पिछले चार दिनों से सुस्त पड़ी एसआईटी की कार्रवाई अब फिर से तेज होने की उम्मीद जगी है।
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सिख विरोधी दंगों की एसआईटी का गठन फरवरी 2019 को किया गया था। तब से बालेंदु भूषण की उसमें तैनाती रही है। केसों की विवेचनाएं अंतिम दौर में हैं। 28 आरोपी भी जेल भेजे जा चुके हैं। इस बीच चार दिन पहले डीआईजी बालेंदु भूषण का तबादला लखनऊ हो गया था।
जानकारी होने पर कई सिख संगठनों ने शासन के अफसरों से अपील की थी कि एसआईटी का चार्ज उनके पास ही रहने दिया जाए क्योंकि अब तक की कार्रवाई में उनका विशेष योगदान रहा है। शासन ने सोमवार को बालेंदु भूषण सिंह को एसआईटी डीआईजी का अतिरिक्त प्रभार दिया।
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जानकारी के मुताबिक सितंबर के अंत तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर सभी केसों में चार्जशीट दाखिल की जाएगी, तब तक डीआईजी एसआईटी में रहेंगे। वहीं, डीआईजी का कहना है कि जिन केसों के सभी आरोपी जेल जा चुके हैं, उसमें जल्द ही चार्जशीट लगाई जाएगी। मंगलवार से दोबारा गिरफ्तारियां शुरू होंगी।