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एंटी फंगल क्रीम व कब्ज की टेबलेट जांच में फेल, अब शासन ने वापस मांगी दवाएं

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शासन से भेजी गई माइकोनाजोल क्रीम। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। जनपद के सरकारी अस्पतालों से मरीजों की दी जा रही एंटी फंगल क्रीम व कब्ज की टेबलेट शासन की ओर से कराई गई जांच में फेल हो गई। वहीं, शासन ने अब सीएमओ को पत्र भेजकर अस्पतालों में मौजूद दवाओं को वापस मांगा है। इस पर सीएमओ ने सभी सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को पत्र भेजा है।
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उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन की ओर से करीब छह माह पहले सीएमओ कार्यालय को दवाओं की सप्लाई दी गई थी। इसमें एंटी फंगल क्रीम माइक्रोनाजोल और कब्ज की दवा बिसाकोडील टेबलेट भी शामिल थी। दवा आने के बाद ही इसका वितरण जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में किया गया था। इसके साथ ही यहां आने वाले रोगियों को दवाएं दी जा रही थी।
कई माह तक इलाज होने के बाद भी जब मरीजों को आराम नहीं मिला तो चिकित्सक मरीजों को मेडिकल स्टोर की दवा लिखने लगे। वहीं, मेडिकल सप्लाइज कॉर्पोरेशन ने दवा खरीदने के बाद नियमानुसार इसकी गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल लैब भेजा था। वहां से आई रिपोर्ट में जनपद में भेजी गई माइक्रोनाजोल क्रीम और बिसाकोडील टेबलेट की गुणवत्ता बेहतर नहीं मिली।
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जांच में दवाएं फेल होने के बाद शासन की ओर से तीन दिन दिन पहले सीएमओ को पत्र भेजकर दवाएं वापस मांगी गई हैं। इस पर सभी सीएचसी और पीएचसी के प्रभारियों को पत्र भेजकर दवा लौटाने को कहा गया है। हालांकि सीएमओ का दावा है कि इन दवाओं से मरीजों को कोई दुष्प्रभाव नहीं होगा। (संवाद)
दवाओं की बनाई जा रही सूची
बिसाकोडील टेबलेट और एंटी फंगल माइक्रोनाजोल क्रीम किस अस्पताल में कितनी भेजी गई है है सीएमओ डॉ. एके सिंह इसकी सूची तैयार कर रहे हैं। इसके बाद सभी से बची दवा मंगाई जाएगी। हालांकि इन दवाओं के वितरण में रोक लगा दी गई है।
माइक्रोनाजोल क्रीम और बिसाकोडील टेबलेट जांच में गुणवत्ताविहीन निकली है। इस वजह से शासन की ओर से दोनों ही दवाओं को वापस मांगा गया है। दोनों ही दवाओं के वितरण में रोक लगा दी गई है। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ।
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