इसके अलावा यूपी सरकार ने ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र का एक फार्मेट जारी किया है। एचबीटीयू ने भी उल्लेख किया था कि अभ्यर्थी को इसी फार्मेट में प्रमाणपत्र बनवाकर जमा करना है। इसके बाद भी अभ्यर्थी ने दूसरे फार्मेट में प्रमाणपत्र जमा किया। वह भी पांच फरवरी 2022 को जारी हुआ। नियमत: 31 अक्तूबर 2021 से पहले जारी किए गए प्रमाणपत्र को लगाया जाना चाहिए।
आखिरकार ऑनलाइन आवेदन स्वीकार कैसे हुआ
एपीआई में स्क्रीनिंग कमेटी सारे दस्तावेज चेक करती है। इसके बावजूद किसी की भी नजर इस अधूरे आवेदन पर नहीं पड़ी। साथ ही जब अभ्यर्थी के पास प्रमाणपत्र नहीं था तो ऑनलाइन आवेदन स्वीकार कैसे कर लिया गया।
एचबीटीयू में नियुक्तियों में गड़बड़ी की लगातार शिकायत मिल रही है। ऐसे में निश्चित ही भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़ा हो जाएगा। दोबारा मिली शिकायतों की गहनता से जांच करवाई जाएगी। -आशीष पटेल, प्राविधिक शिक्षा राज्यमंत्री