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कानपुर को मिलेगी एक और उपलब्धि, बोफोर्स कंपनी को भेजी जाएंगी ओएफसी में बनी बैरल

Mon, 22 Jul 2019 06:21 PM IST
शिखा पांडेय अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
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आयुध निर्माणी कानपुर - फोटो : अमर उजाला
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आयुध निर्माणियों के निगमीकरण की प्रक्रिया शुरू होने के बीच सेना के लिए तोप और टैंक बनाने वाली आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) इतिहास बनाने जा रही है। निर्माणी में बनी बैरल पहली पर स्वीडन की कंपनी बोफोर्स को इसी सप्ताह (सोमवार या मंगलवार को) भेजी जाएगी। इससे पहले 19 जुलाई को इन्हें रवाना किया जाना था, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते टाल दिया गया था। 

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कभी देश की सेना के लिए बोफोर्स तोपों की खरीद की गई थी। मौजूदा समय में भी सेना इनका इस्तेमाल करती है। कारगिल युद्ध के दौरान इन तोपों ने दुश्मनों की जमकर खबर ली थी। ओएफसी के सूत्रों ने बताया कि बोफोर्स कंपनी ने निर्माणी को बोफोर्स तोप से उच्चीकृत तोप की बैरल बनाने के आर्डर 5-6 महीने पहले दिए थे, जिसे निर्माणी ने तैयार कर लिया है। पहली बार किसी देश को निर्यात की जाने वाली बैरल को लेकर औपचारिक मंजूरी संबंधी कार्यवाही भी पूरी कर ली गई है। 

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1986 में भारत ने खरीदी थी बोफोर्स तोपें
भारत सरकार ने 1986 में स्वीडन की कंपनी से 400 बोफोर्स तोपों को खरीदा था। इसी तोप का अपग्रेड वर्जन ओएफसी और फील्डगन ने मिलकर धनुष तैयार किया है। धनुष को सेना में शामिल किया जा चुका है। 

स्वीडन कंपनी के अनुरूप तैयार की बैरल
निर्माणी के सूत्रों ने बताया कि कंपनी की मांग के अनुरूप बैरल को तैयार किया गया है। 155 गुणा 52 कैलीबर तोप के लिए करीब आठ मीटर लंबी बैरल बनाई गई है। इसमें लगे सभी उपकरण स्वदेशी हैं।
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