कानपुर में ग्रामीणों की पिटाई से अधमरे 11 फीट के अजगर को सुरक्षित जगह नहीं मिल पा रही है। उसकी जान बचाने वाले पशु प्रेमी डॉक्टर को इसके लिए जूझना पड़ रहा है। वन विभाग, कानपुर और लखनऊ के चिड़ियाघर ने अजगर को लेने से मना कर दिया है। ऐसे में मजबूरन अजगर को किसी सुरक्षित जगह छोड़ने की तैयारी हो रही है।
चकेरी के ग्रेटर कैलाश नगर निवासी डॉ. टीके बोस विश्वास ने बताया कि गुरुवार को पांडु नगर पुल, पनकी के पास हाईवे से कार से गुजर रहे थे। जाम लगा होने पर जब वह कार से उतरे तो देखा कि कुछ लोग अजगर को पीट रहे थे। उन्होेंने अजगर को बचाया और घर ले आए। अजगर अधमरा हो चुका था। उसे एंटीबायोटिक और दर्द निवारक इंजेक्शन लगाए। काफी प्रयास के बाद अजगर अब स्वस्थ हो चुका है।