सभी अभियुक्तों को 9 महीने कारावास और 30 रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया गया। अब खंडहर में तब्दील इस कोठी परिसर में अंग्रेज जमाने का वाच टावर, बरगद पेड़, छतरीदार कुआं, खंडहर में तब्दील पुरानी इमारतें आज भी अंग्रेजों की जुल्म भरी दास्तां और आजादी के दीवानों की मूक गवाह मौजूद हैं।
ये क्रांतिकारी थे शामिल
इस मिनी तहसील को फूंकने वाले क्रांतिकारियों में सदाशिव अवस्थी दौलतपुर, राम नारायण पांडेय, सरजू नारायण पांडेय, शिव नारायण पांडेय, शिवलाल पांडेय, गयादीन यादव, लल्लू यादव, जगत अग्निहोत्री, मथुरा लोहार निवासीगण मोहम्मदपुर, प्रेम नारायण दीक्षित महोलिया, रामनाथ यादव तिवारीपुर (भीतरगांव), बाबू सिंह वैस गोपालपुर, शहजादे लाल बरईगढ़, गज्जा जहूर बक्स बरुई अकबरपुर, सुन्दर लाल कुड़नी, गिरजाशंकर पांडेय अमौर, बलऊ पाठक करचुलीपुर, मोहनलाल भट्ट गौरी, शिवराम शुक्ला उमरा शामिल थे।