एक और व्यक्ति को बेहोशी आ गई। किसी को फ्लू जैसे लक्षण उभर आए और बुखार कई दिन रहा। इसी तरह के किस्से सेंटरों पर चर्चा में रहे, जिनकी वजह से लोग बच्चों को वैक्सीन लगवाने में हिचक रहे थे। हालांकि, बच्चों को लगने वाली कोर्बेवैक्स वैक्सीन कोवाक्सिन और कोविशील्ड से भी बेहतर है।
स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में एक भी लाभार्थी को बुखार आने की रिपोर्ट नहीं है। जिन बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रही है, उनकी निगरानी भी हो रही है। इस तरह कोर्बेवैक्स ने सभी तरह की भ्रांतियों को दूर कर दिया है।
बच्चे उत्साहित, अभिभावक भी ले रहे दिलचस्पी
गीतानगर अरबन पीएचसी पर आए कुशाल (15) का कहना है कि वैक्सीन कोरोना से बचाव करेगी। इस संबंध में डॉक्टरों ने बताया कि हल्का सा बुखार आ सकता है, तब पैरासीटामॉल ले लेंगे। वैसे उनके साथियों में किसी को बुखार नहीं आया। रावतपुर के लाभार्थी विनोद (13) ने बताया कि वह वैक्सीन लगवाने के बाद स्कूल गए थे।
किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। अब सभी वैक्सीन लगवाने के लिए जा रहे हैं। केंद्र के प्रभारियों का कहना है कि बच्चे अधिक उत्साहित हैं। साथ ही अभिभावक भी दिलचस्पी ले रहे हैं। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह ने बताया कि 18 साल से अधिक उम्र का लक्ष्य पूरा हो गया है। अब सारा जोर छोटे आयु वर्ग के लाभार्थियों का लक्ष्य पूरा करने पर है।