62 दिव्यांगों के मेडिकल प्रमाण पत्र जारी
इस मौके पर आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए सभासद संजय लाला, विनय तिवारी और अतीश पासवान मौजूद रहे। उन्होंने करीब 550 जरूरतमंद दिव्यांगों के फार्म के आवेदन के लिए जरूरी आय प्रमाण पत्र जारी किए। उनके सहयोग से दिव्यांगों के परीक्षण में मदद मिली। इस अवसर पर स्वास्थ्स विभाग की टीम आर्थों डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, आई सर्जन शैलेंद्र कुमार, ईएनटी सर्जन डॉ. नवीन चंद्र चौधरी, वरिष्ठ सहायक राजेश कुमार स्वर्णकार, कंप्यूटर आपेरटर श्रीयंज चौहान समेत पूरी टीम मौजूद रही। उन्होंने इस बीच 62 दिव्यांगों के मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए।
जिले को डिफिरेंटली एबल्ड फ्रेंडली बनाने की मुहिम शुरू
डीएम सी. इंदुमती ने अपनी पूरी टीम के साथ अमर उजाला के इस प्रयास की सराहना करते हुए दिव्यांगों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पूरी टीम को बधाई दी। कहा कि जिले को डिफिरेंटली एबल्ड फ्रेंडली बनाने की मुहिम शुरू हो गई। इसे हम आगे तक ले जाएंगे। सीडीओ सूरज पटेल पूरी टीम के साथ कार्यक्रम को व्यवस्थित और बेहतर बनाने के लिए पूरी नजर बनाए हुए थे। एडीएम अविनाश त्रिपाठी, एसडीएम प्रभाकर त्रिपाठी, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी समेत पूरी टीम मौजूद रही।
दिव्यांगों को लाने-ले जाने के लिए ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई
सीओ सिटी वीर सिंह ने फोर्स के साथ व्यवस्था संभाल रखी थी। दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी प्रगति मिश्रा ने दिव्यांगों को लाने-ले जाने के लिए ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराके उनकी राह आसान कर दी। उन्होंने एक-एक दिव्यांगजन का परीक्षण कराते हुए अंतिम व्यक्ति का परीक्षण कराया। इस मौके पर डॉ. पूनम ग्राम विकास संस्थान के सचिव महेश प्रताप सिंह, तहसील प्रभारी महेंद्र सिंह, सदर से अमन सिंह का भी सहयोग रहा। परियोजना अधिकारी शेषमणि सिंह शुरुआत से अंत तक पूरे कार्यक्रम में एक एक दिव्यांगजन को व्यवस्था देने में स्वयं सक्रिय रहे।
मददगार बने एनसीसी के वालंटियर्स
दिव्यांग आंकलन शिविर में भारी संख्या में भीड़ उमड़ी। असहाय दिव्यांगों का पंजीकरण कराने के लिए एनसीसी कैडेट्स ने उनकी मदद करते हुए सहारा दिया। शिविर के दौरान कई दिव्यांग ऐसे आए थे, जो ठीक तरह से चल नहीं सकते थे। कार्यक्रम में मौजूद वालंटियर्स ने ऐसे लोगों को मुख्य गेट से पंजीकरण काउंटर तक पहुंचा कर पंजीकरण कराया। भटक रहे दिव्यांगों की भी उन्होंने मदद करते हुए उन्हें सही काउंटर पर पहुंचाते हुए उनका रजिस्ट्रेशन करवाया। वालंटियर्स पंजीकरण कराने आने वाले दिव्यांगों कर हर मुमकिन मदद पहुंचाई।
भाइयों की सात साल बाद जागी उम्मीद
रूपपुर निवासी अवधेश कुमार और महेंद्र कुमार दोनों दिव्यांग हैं। दोनों भाई कैंप साथ-साथ पहुंचे। उनका टीम ने परीक्षण करके उपकरण के लिए चयनित किया। अवधेश ने बताया कि सात साल बाद उपकरण मिलने की उम्मीद जागी है। वहीं भाई को पहली बार उपकरण मिलेंगे। इससे खुशी हुई है। मेले में लोगों की मदद ने राह आसान कर दी। पुष्पराज (15) और स्नेहा देवी(18) जन्म से दिव्यांग हैं। दोनों को पहली बार उपकरण मिलने जा रहे हैं। इसकी खुशी चेहरे पर दिखाई पड़ रही है। परिजनों ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। कहा कि इस मेले ने उपकरण दिलाने की उम्मीद जगा दी है।