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Farrukhabad: डॉक्टर की सास की हत्या व लाखों की लूट में चारों दोषियों को आजीवन कारावास, जुर्माना भी लगाया

Wed, 17 Jun 2026 10:39 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

तीन दोषियों से पुलिस ने 9,79,200 रुपये के जेवर व नकदी बरामद किए थे। अदालत ने चारों पर तीन लाख का जुर्माना भी लगाया। 
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पुलिस हिरासत में अदालत में पेश होने जाता हत्यारोपी शिवम शुक्ला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कायमगंज में आठ वर्ष पुराने हत्या एवं लूट के मामले में चार दोषियों को बुधवार को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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जनपद बुलंदशहर के मोहल्ला ककराला खुर्जा निवासी डॉ. जितेंद्र सोलंकी ने कायमगंज थाने में 15 फरवरी 2008 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि कायमगंज के मोहल्ला पाठक में उनकी सास साधना गौड़ अकेली रहती थीं। उनकी पत्नी डॉ. प्रिया गौड़ की 11 फरवरी को शाम 4 बजे उनसे फोन पर बात हुई थी। 14 फरवरी की दोपहर अताईपुर निवासी मोतीलाल ने फोन कर बताया कि आपके घर का गेट नहीं खुल रहा है और न ही कोई आवाज आ रही है। वह अपनी पत्नी को साथ लेकर कायमगंज पहुंचे। मकान का मुख्य गेट खुला था, जबकि अंदर जाने वाला दूसरा गेट अंदर से बंद था। आसपास के लोगों की सहायता से गेट खोलकर अंदर पहुंचा तो सास का शव औंधे मुंह पड़ा था। उनके हाथ और पांव को रस्सी से पीछे की ओर बांधा गया था। मुंह में कपड़ा ठूंसकर सास को मारा जाना प्रतीत हो रहा था। घर का सामान बिखरा पड़ा था।
 

बदमाश लाखों की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज लूटकर ले गए थे। विवेचना के दौरान नेपाली यादव, रवि उपाध्याय, शिवम उर्फ अनुपम शुक्ला, विमलेश यादव और लालू उर्फ आशीष यादव के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने सभी से 9,79,200 रुपये के जेवर और नकदी बरामद की थी। कई चरणों की विवेचना और आरोप पत्रों के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर विमलेश यादव, नेपाली यादव उर्फ प्रवेश यादव, रवि उपाध्याय और शिवम उर्फ अनुपम शुक्ला को हत्या और लूट के आरोप में 15 जून को दोषी ठहराया था।


 

लापरवाह विवेचकों पर गिरेगी गाज
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई। साधना गौड़ के घर के ठीक सामने रहने वाले अभिषेक अग्रवाल के मकान में सीसीटीवी कैमरा लगा था। वारदात के समय के फुटेज विवेचकों ने वहां से एकत्र किए थे। सीसीटीवी के वीडियो उपलब्ध होने के बावजूद तत्कालीन विवेचक द्रविड़ कुमार और हरिओम प्रकाश त्रिपाठी ने इसे केस डायरी (विवेचना) का हिस्सा नहीं बनाया। साक्ष्यों के साथ इस गंभीर लापरवाही को कोर्ट ने गंभीरता से लिया। अदालत ने इन दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी को आधिकारिक पत्र भेजा है।

 
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व्हीलचेयर पर कोर्ट लाया गया नेपाली
महिला की हत्या कर लूटपाट करने का दोषी नेपाली यादव उर्फ प्रवेश यादव को पुलिस व्हीलचेयर पर बैठाकर कोर्ट में पेश करने पहुंची। बताया गया कि नेपाली यादव पहले से ही बीमार चल रहा था। 15 जून को मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। दूसरे दोषी रवि उपाध्याय ने उसकी व्हीलचेयर में धक्का लगाकर उसे हवालात तक पहुंचाया।

 
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