इसके साथ ही कोविड अस्पताल के बेड भी तैयार किए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि कोविड जांचों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही एयरपोर्ट, सेंट्रल रेलवे स्टेशन और बस अड्डों में रैंडम सैंपलिंग होगी। उन्होंने बताया कि अभी शासन की गाइडलाइन नहीं आई है।
इसके बाद और कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने शहरियों से अपील की है कि मास्क लगाएं और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें। ‘दो गज दूरी-मास्क जरूरी’ जागरुकता अभियान फिर शुरू कर दिया गया है। किसी व्यक्ति की रिपोर्ट कोविड पॉजीटिव आने पर उसके सैंपल से जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जाएगी।
कोविड पॉजीटिव रोगी अभी शहर में नहीं मिल रहे हैं। इस वक्त सिर्फ एक कोविड एक्टिव केस है। उसका होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। शासन से गाइडलाइन आने के बाद कांशीराम हॉस्पिटल को कोविड डेडिकेटेड हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया जाएगा। इसके अलावा हैलट में तैयारी शुरू हो गई हैं।
हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि वेंटिलेटरों की मरम्मत कराई जा रही है। अभी रोगी न आने से ये बिना इस्तेमाल किए हुए रखे थे। कोविड हॉस्पिटल में सारी व्यवस्था है। रोगी नहीं आ रहे थे, फिर भी इसे उसी तरह तैयार रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को कोरोना संदिग्ध 630 लोगों की सैंपलिंग की है।
चिंता: अभी सिर्फ कोवाक्सिन ही उपलब्ध
सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि इस समय कोविशील्ड और कार्बोवैक्स वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। कोवाक्सिन जितनी उपलब्ध है, उसकी बूस्टर डोज लगाई जा रही है। कोविशील्ड राज्य से मिलने के बाद वैक्सीनेशन शुरू कर दिया जाएगा। इस समय कल्याणपुर, गीतानगर, नवाबगंज, केपीएम, अनवरगंज, किदवईनगर, गुजैनी और गांधीग्राम आदि स्थानों पर कोवाक्सिन लगाई जा रही है।
एम्स के विशेषज्ञ आज लेंगे बैठक
कोरोना के नए वैरिएंट के मद्देनजर स्वास्थ्य सिस्टम को अलर्ट मोड पर कर दिया गया है। गुरुवार को एम्स दिल्ली के विशेषज्ञ जूम मीटिंग करके नई गाइडलाइन के संबंध में जानकारी देंगे। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि नगर में अभी कोई नए वैरिएंट का केस नहीं है। फिर भी सिस्टम को अलर्ट मोड पर रखा गया है।