खनन का विपरीत प्रभाव
पहाड़ और टीले नष्ट होने से बाढ़ आशापुर गांव को प्रभावित करेगी। पेड़ पौधे कटने से परिंदों के आशियाने नष्ट होंगे। जिससे पर्यावरण प्रभावित होगा। कृषि क्षेत्र संकुचित होगा। गहराई गांव के नौनिहालों को बारिश के समय खतरा बन सकती है।
प्रधान ने की डीएम से शिकायत
ग्राम प्रधान ओम नारायण ने जिलाधिकारी फतेहपुर को शिकायती पत्र दिया है। प्रधान ने बताया गांव का सार्वजनिक चक मार्ग खनन माफियाओं ने खोद डाला है। मिट्टी पुराई कर बनाए गए रास्ते को खराब कर दिया है।
आधा दर्जन किसानों ने थाने में दी तहरीर
आशापुर गांव के आधा दर्जन किसानों ने थाना पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। जिसमें कृषि योग्य भूमि को खनन के छरण से बचाने के लिए गुहार लगाई है ।आशापुर गांव के ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ,मनोज कुमार, शिव गोपाल ,इंद्रपाल, छत्रपाल ,ओम शंकर आदि ने तहरीर दी है।
वन विभाग कर रहा अनदेखी
वन विभाग का बड़ा प्रक्षेत्र आशापुर अभयपुर गांव में है। खनन से वन क्षेत्र को नष्ट किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं।