ताखा। शोहदे से परेशान युवती के जान देने के मामले में थाना प्रभारी व हमराह सिपाही के बाद मंगलवार को चौकी प्रभारी को भी निलंबित कर दिया गया है। बताया जाता है कि प्रकरण में जांच के बाद दरोगा की भी लापरवाही सामने आई है।
ऊसराहार थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने दूसरे वर्ग के युवक की छेड़छाड़ से परेशान होकर 26 अप्रैल को जहर खा लिया था। इस मामले में युवती के पिता ने थाने में तहरीर दी थी। एसओ ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। 28 अप्रैल को युवती की हालत खराब होने की जानकारी पर आरोपी के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई कर दी थी। दो मई को युवती ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
परिजनों ने आक्रोश जताते हुए एसओ पर कार्रवाई की मांग की थी। एसएसपी ने एसओ मंसूर अहमद को निलंबित कर दिया था। इसके बाद एक हमराह सिपाही बबलू अली खान को भी निलंबित कर दिया था। अब एसएसपी ने नगला गंगे चौकी इंचार्ज संजय यादव को भी निलंबित कर दिया है। अब तक इस मामले तीन लोग निलंबित किए जा चुके हैं।
पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी रिजवान के साथ ही उसके पिता अशोक खां और बड़े भाई कल्लू खां को तीन मई को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को पुलिस ने फरार चल रही रिजवान की मां केसर बानो और भाई गोलू को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।