कानपुर में फर्जी दस्तावेज तैयार कर आधार कार्ड बनाए जाने के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जाजमऊ के कैलाश विहार में फर्जी सेंटर चलाने वाले गिरोह ने शहर के 200 से अधिक लोगों के आधार कार्ड बनाए। ये सभी आधार सीएए के विरोध में हुई हिंसा के बाद बने हैं।
आशंका है कि ये लोग बांग्लादेशी, रोहिंग्या, पाकिस्तानी या किसी अन्य देश के घुसपैठिये हैं। दिसंबर 2019 में सीएए के विरोध में देश के कई राज्यों में हिंसा हुई थी। 20 व 21 दिसंबर को कानपुर में भी हिंसा हुई थी। अब जब फर्जी दस्तावेजों पर आधार बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ तो पता चला कि हिंसा के बाद 200 से अधिक लोगों के आधार बने हैं।