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सीएए हिंसा के बाद शहर के 200 लोगों ने बनवाए आधार कार्ड, फर्जी दस्तावेज से आधार कार्ड बनाने की जांच में खुलासा

Tue, 08 Dec 2020 09:40 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में हिंसा की तस्वीरें - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में फर्जी दस्तावेज तैयार कर आधार कार्ड बनाए जाने के मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जाजमऊ के कैलाश विहार में फर्जी सेंटर चलाने वाले गिरोह ने शहर के 200 से अधिक लोगों के आधार कार्ड बनाए। ये सभी आधार सीएए के विरोध में हुई हिंसा के बाद बने हैं।
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आशंका है कि ये लोग बांग्लादेशी, रोहिंग्या, पाकिस्तानी या किसी अन्य देश के घुसपैठिये हैं। दिसंबर 2019 में सीएए के विरोध में देश के कई राज्यों में हिंसा हुई थी। 20 व 21 दिसंबर को कानपुर में भी हिंसा हुई थी। अब जब फर्जी दस्तावेजों पर आधार बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ तो पता चला कि हिंसा के बाद 200 से अधिक लोगों के आधार बने हैं।

 
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आधार कार्ड बनवाने वाले हर शख्स का होगा सत्यापन
एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि एक साल के भीतर पूरा फर्जीवाड़ा किया गया है। सीएए हिंसा के बाद अधिकतर आधार कार्ड शहर व उन्नाव के लोगों के बने हैं। इसमें कुछ लोगों का नाम, पता व मोबाइल नंबर मिला है। टेलीकॉम कंपनी से डाटा मांगा गया है। एसपी ने बताया कि एक-एक आधार कार्ड धारक की तलाश कर सत्यापन कराया जाएगा।

लैपटॉप खोलेगा राज, फोरेंसिक जांच होगी
पुलिस ने जब आरोपी शैलेंद्र साहू को दबोचा था तो उसके पास से लैपटॉप बरामद हुआ था। एसपी ने बताया कि लैपटॉप में तमाम डाटा है। इससे अहम सुराग मिलने की संभावना है। लैपटॉप की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।

बैंक को पत्र भेजकर मांगी जानकारी
गिरोह एक निजी बैंक की आईडी से आधार कार्ड बना रहा था। पुलिस ने बैंक को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है। यह भी पता किया जा रहा कि बैंक की आईडी और पासवर्ड गिरोह तक कैसे पहुंचा।
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