उन्नाव जिले के बिहार थानाक्षेत्र में 6 साल के बच्चे के अपहरण के आरोप में जेल भेजे गए पांचों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बता दोनों पक्षों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की थी। न्यायालय की अनुमति मिलने व विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ से टेस्ट की तारीख मिलने के बाद सोमवार सुबह बिहार पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच सभी आरोपियों को टेस्ट के लिए लखनऊ लेकर गई है।
वहीं, आरोपियों के परिजनों ने दूसरे पक्ष का भी लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की है। बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव से 2 अक्तूबर को रहस्यमय हालात में 6 वर्षीय बच्चा लापता हो गया था। बच्चे की बुआ ने पूर्व के आरोपी शिवम त्रिवेदी की मां सरोज त्रिवेदी, बहन अनीता त्रिवेदी, प्रधान पति हरिशंकर त्रिवेदी के भांजे कैप्टन बाजपेई, हर्षित बाजपेई व सुंदारा पत्नी अमरनाथ लोधी पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोपी परिवार की बेटियों ने लगातार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा शासन स्तर तक दोनों पक्षों का लाई डिटेक्टर व नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। जिस पर पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर विधि विज्ञानशाला प्रयोगशाला लखनऊ में टेस्ट की तारीख ली। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से 7 दिसंबर से 11 दिसंबर तक एक-एक आरोपी का लाई डिटेक्टर टेस्ट किए जाने की तारीख दी।