फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उन्नाव: छह साल के बच्चे के अपहरण का मामला, लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए पांचों आरोपियों को लखनऊ ले गई पुलिस

Tue, 08 Dec 2020 12:11 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
उन्नाव जिले के बिहार थानाक्षेत्र में 6 साल के बच्चे के अपहरण के आरोप में जेल भेजे गए पांचों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बता दोनों पक्षों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की थी। न्यायालय की अनुमति मिलने व विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ से टेस्ट की तारीख मिलने के बाद सोमवार सुबह बिहार पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच सभी आरोपियों को टेस्ट के लिए लखनऊ लेकर गई है।
विज्ञापन


वहीं, आरोपियों के परिजनों ने दूसरे पक्ष का भी लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की है। बिहार थाना क्षेत्र के एक गांव से 2 अक्तूबर को रहस्यमय हालात में 6 वर्षीय बच्चा लापता हो गया था। बच्चे की बुआ ने पूर्व के आरोपी शिवम त्रिवेदी की मां सरोज त्रिवेदी, बहन अनीता त्रिवेदी, प्रधान पति हरिशंकर त्रिवेदी के भांजे कैप्टन बाजपेई, हर्षित बाजपेई व सुंदारा पत्नी अमरनाथ लोधी पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

आरोपी परिवार की बेटियों ने लगातार पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा शासन स्तर तक दोनों पक्षों का लाई डिटेक्टर व नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग की थी। जिस पर पुलिस ने न्यायालय से अनुमति लेकर विधि विज्ञानशाला प्रयोगशाला लखनऊ में टेस्ट की तारीख ली। विधि विज्ञान प्रयोगशाला से 7 दिसंबर से 11 दिसंबर तक एक-एक आरोपी का लाई डिटेक्टर टेस्ट किए जाने की तारीख दी।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

सोमवार सुबह 8.50 पर जिला कारागार से बिहार पुलिस सभी आरोपियों को लेकर लखनऊ चली गई। पुलिस टीम में एक उपनिरीक्षक, 2 पुरुष कांस्टेबल, 2 महिला कांस्टेबल व चालक शामिल रहा। सीओ बीघापुर कृपाशंकर कनौजिया ने बताया एफएसएल लखनऊ से पांचों आरोपियों को टेस्ट के लिए लाने को कहा गया था। जिस पर सभी को जेल से कड़ी सुरक्षा में लखनऊ ले जाया गया है। जेलर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि शाम 7 बजे तक कोई आरोपी जेल नहीं पहुंचा।

आईजी से मिलकर दूसरे पक्ष का टेस्ट कराए जाने की मांग
बच्चे के अपहरण के मामले में जेल भेजे गए आरोपियों की बेटी रिचा त्रिवेदी व प्रीती सोमवार को आईजी रेंज लखनऊ लक्ष्मी सिंह से मिलने लखनऊ पहुंची। दोनों ने एक शिकायती पत्र देकर कहा कि परिवार के लोगों को फर्जी तरीके से फंसाया गया है। घर में जितने भी पुरुष हैं पुलिस ने सभी को जेल में डाल दिया है।

कहा कि जेल में बंद लोगों के साथ ही रिपोर्ट दर्ज कराने वाली बच्चे की बुआ व उसके परिवार के सभी लोगों का लाई डिटेक्टर व नार्को टेस्ट कराया जाए। जिससे सच सामने आ सके। आईजी ने न्याय का भरोसा दिलाया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें