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शर्मनाक: रसूलाबाद सीएचसी में नसबंदी के बाद 19 महिलाओं को फर्श पर लिटाया, ठंड से ठिठुरती रहीं

Fri, 26 Nov 2021 01:02 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात

सार

रसूलाबाद सीएचसी में गुरुवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. संदेश कटियार की टीम ने 31 महिलाओं की नसबंदी की। इसके बाद केवल 12 महिलाओं को ही बेड मिल सका।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर देहात के रसूलाबाद में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही नहीं थम रही है। रसूलाबाद सीएचसी में गुरुवार को अधिकारियों की संवेदनहीनता दिखाई दी। नसबंदी के बाद 19 महिलाओं को सीएचसी की फर्श पर लिटा दिया। इस दौरान महिलाएं ठंड से कांपते नजर आईं। कुछ समय बाद सात महिलाएं किसी तरह घर चली गईं।
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उधर अधीक्षक ने मामले की जानकारी से ही इन्कार कर दिया। रसूलाबाद सीएचसी में गुरुवार को नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. संदेश कटियार की टीम ने 31 महिलाओं की नसबंदी की। इसके बाद केवल 12 महिलाओं को ही बेड मिल सका। वहीं 19 महिलाओं को नसबंदी के बाद अस्पताल के फर्श पर लिटा दिया गया।

ठंड से परेशान सात महिलाएं कुछ समय बाद परिजनों के साथ घर चली गईं। वहीं रात नौ बजे तक 12 महिलाएं, तीमारदारों व आशा कार्यकर्ता के साथ फर्श पर ही लेटी नजर आईं। यहां नसबंदी कराने वाली मालपुरवा की नीरज, मलिखानपुर की सुशीला, खपरेमऊ की संजू के परिजनों ने बताया कि अधूरी तैयारियों के बीच शिविर का आयोजन किया गया।
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इससे सभी महिलाओं को नसबंदी के बाद बेड नहीं मिल सका। वहीं महिलाओं ने बताया कि सीएचसी में दिया गया कंबल भी काफी छोटा था। इससे उन्हें ठंड में परेशान होना पड़ा। इस बाबत जब चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशीष मिश्रा से पूछा गया तो उन्होंने मामले की जानकारी होने से ही इन्कार कर दिया। अधीक्षक ने जांच कराने के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। 

सीएचसी के काफी बेड हो चुके खराब
रसूलाबाद सीएचसी में 60 बेड हैं। इसमें पुरुष वार्ड के लिए 30 और मैटरनिटी विंग के लिए 30 बेड आवंटित हैं। पुरुष वार्ड में मात्र सात बेड ही ठीक हैं, बाकी जर्जर हो गए हैं। वहीं मैटरनिटी विंग के 30 बेड में सात बेड ही महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। सीएचसी में 14 बेड मरीजों को मिलते, इसमें से दो ऑपरेशन थियेटर में हैं। वहीं छह बेड डॉक्टर व स्टाफ अपने लिए इस्तेमाल करते हैं। शेष बेड प्रयोग के योग्य नहीं हैं। 

सीएमओ का दावा, जमीन पर नहीं लिटाई गईं महिलाएं
सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया रसूलाबाद सीएचसी में नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। आपरेशन के बाद सभी मरीजों को बेड पर ही लिटाया गया है। जमीन पर लेटे लोग तीमारदार और आशा हैं।
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