उरईः 17 साल पहले 2001 में भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री रहे राजनाथ सिंह जब जनपद आए थे तो उन्होंने ददरी में ग्रामीणों संग चौपाल लगाई थी। तब गांव का कायाकल्प हो गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री पूरी रात गांव मेें स्कूल प्रबंधक गरीबदास राजपूत के आवास पर रुके थे और अगले दिन ग्रामीणों संग खाना खाकर ही लौटे थे।
अब जब सालों बाद फिर से भाजपा के सीएम योगी आदित्यनाथ जालौन आ रहे हैं तो ददरी गांव के लोगों में ही नहीं बल्कि आसपास के कई गांव वालों को उम्मीद जगी है। शायद सीएम आदित्यनाथ के कदम भी उनके गांव में पड़ेंगे और उनके गांव की बिगड़ी सूरत संवरेगी। खासतौर पर ददरी गांव के लोगों को आस बंधी है कि योगी भी उनके गांव में आए और पूर्व मुख्यमंत्री के किए गए वादों को पूरा करें।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछली मर्तबा जब सीएम आए थे, तो एक भी हैंडपंप खराब नहीं था, और आज एक भी चलताऊ हैंडपंप तलाशने में पसीने छूट रहे हैं। गांव के रामेद कुमार, मुन्ना राजपूत, प्रधान श्याम बाबू आदि का कहना है कि यदि सीएम का काफिला एक बार फिर से ददरी आ गया तो उनके गांव का कायाकल्प होते देर नहीं लगेगी।
बच्चों को बेहतर स्कूल और लोगों को चमाचम सड़क तो मिलेंगी ही साथ ही पानी की समस्या का भी हल हो सकता है। हालांकि अभी तक सीएम के कार्यक्रम में किसी गांव के निरीक्षण की बात तो नहीं है। लेकिन अधिकारी यह भी कह रहे हैं कि सीएम योगी का काफिला अचानक भी किसी गांव की ओर रुख कर सकता है। इसको भी अधिकारियों ने अपनी तैयारियों में शामिल कर रखा है।