पुखरायां। भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के कुसरजापुर गांव में चार दिन पूर्व घर के बाहर से लापता हुए मासूम की हत्या कर शव गन्ने के खेत में फेंक दिया गया। गुरुवार की देर शाम शव मिलने पर हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
वहीं, गांव के लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर मासूम का शव उठाने से मना कर दिया। सीओ प्रभात कुमार ने एक सप्ताह में हत्या का खुलासा करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
कुसरजापुर गांव निवासी राकेश कुमार का बेटा कृष्णा (5) 13 मार्च को घर के बाहर खेलते समय अचानक लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी मासूम का पता नहीं चलने पर परिजनों ने कोतवाली में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गुरुवार को होली के लिए कृष्णा की बहन काजल गांव के लल्लू सचान के खेत से गन्ना काटने गई थी।
इस दौरान वहां पर भाई की चप्पल पड़ी देखकर उसने शोर मचाया। इस पर गांव के लोग पहुंचे तो उसने इसकी जानकारी दी। इस पर लोगों ने खेत में कृष्णा की तलाश शुरू की तो उसका शव मिल गया। मासूम का शव मिलते ही घर में कोहराम मच गया। सूचना पर सीओ प्रभात कुमार और कोतवाल राजेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और पड़ताल की।
मासूम के एक हाथ का पंजा गायब दिखा। लोगों ने हत्या कर शव खेत में फेंकने व पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सीओ ने ग्रामीणों को एक सप्ताह में हत्या का खुलासा करने का आश्वासन देकर शांत कराया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोतवाल राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बच्चे के अपहरण की रिपोर्ट पहले से ही दर्ज है।
सात बहनों में अकेला था कृष्णा
कृष्णा सात बहनों में अकेला भाई थी। सबसे बड़ी बहन शोभा की शादी हो चुकी है। वहीं काजल, रश्मी, द्रोपदी, नैंसी, लक्ष्मी, गौरी के बाद वह सबसे छोटा था। कृष्णा का शव मिलने के बाद सबी बहनें, मां सुनीता, पिता राकेश बिलखते रहे। पिता मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। कृष्णा के पिता राकेश ने बताया कि गांव में उसकी किसी से रंजिश नहीं है।