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यतीमखाना मामला: दो दिन से लापरवाही बरत रही थी पुलिस, 48 घंटे बाद सगे भाइयों पर दर्ज हुई एफआईआर

Wed, 17 Aug 2022 09:53 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

यतीमखाना में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी ने हाथ की नस काट ली थी। इस मामले में पुलिस दो दिन से लापरवाही बरत रही थी। ज्वाइंट पुलिस कमिशन ने संज्ञान लेकर कार्रवाई कराई है।
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दुष्कर्म - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में सौतेली बहन (गोद ली हुई) से दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने 48 घंटे बाद मंगलवार को एफआईआर दर्ज की। दो सगे भाइयों पर पॉक्सो व दुष्कर्म की धाराओं में रिपोर्ट लिखी गई है। दो दिनों तक पुलिस लापरवाही बरतती रही। जब ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने मामले का संज्ञान लिया तब जांच कर कार्रवाई की गई। बांदा निवासी 9 साल की बच्ची को बजरिया थाना क्षेत्र के नाला रोड निवासी दंपती ने 2015 में गोद लिया था।

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वर्तमान में उसकी उम्र 16 साल है। किशोरी का आरोप है कि 2017 से 2019 तक दंपती के दो बेटों सऊद व दऊद ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसने यह बात मदरसे के शिक्षक को बताई, तो उन्होंने उसके परिवार वालों को जानकारी दी थी। इस पर दंपती ने उसको 2019 में यतीमखाना में डाल दिया था। 
14 अगस्त की रात उसने अपने हाथ की नस काट ली थी। जब वह उर्सला में भर्ती हुई थी तो उसने आपबीती बताई थी। दो दिनों तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। मंगलवार को ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने मामले का संज्ञान लिया। इसके बाद एसीपी अनवरगंज मोहम्मद अकमल खान ने जांच की। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए, उसी आधार बजरिया थाने में सऊद व दऊद के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

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अस्पताल की चौखट से लौट गई थी पुलिस
दो दिन पहले ही कर्नलगंज थानेदार बलराम मिश्रा और एसीपी सीसामऊ निशंक शर्मा को मामले की जानकारी थी, लेकिन वह हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। न कार्रवाई की थी और न ही उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। जब मंगलवार को सोशल मीडिया पर मामले ने तूल पकड़ा, तो चंद घंटों में कार्रवाई की गई। दरअसल 14 अगस्त की रात को पीड़ित किशोरी ने हाथ की नस काटी थी। उसको उर्सला भर्ती कराया गया था। कर्नलगंज इंस्पेक्टर को इसकी जानकारी हुई। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उर्सला भेजा। वह पुलिसकर्मी अस्पताल की चौखट जाकर लौट आए थे।

लावारिस बताकर यतीमखाना में दाखिल करवाया था
पुलिस की जांच में सामने आया कि मदरसे के शिक्षक ने जब दंपती को बुलाकर बताया था कि उनका बेटा किशोरी के साथ दुष्कर्म करता रहा है, तो ये सुनकर कथित पिता को हार्ट अटैक आ गया था। उनको यकीन नहीं हुआ कि बेटे ने ऐसी करतूत की है। इसके बाद वह मामला दबाने के लिए यतीमखाना में किशोरी को दाखिल करवा दिया, जहां पर यह बताया था कि यह बच्ची उनको लावारिस हालत में मिली है, जबकि बांदा में किशोरी के पिता का पुलिस को पता चल चुका है।

वीडियो में बताई आपबीती
पीड़िता का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वह स्पष्ट रूप से आपबीती बताती सुनाई दे रही है लेकिन पुलिस ने अबतक उसके बयान नहीं लिए हैं। बाल कल्याण समिति ने भी इस मामले में पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब किया है।

सीमा विवाद के खेल में थानेदार बेफिक्र रहे
यतीमखाना कर्नलगंज थाना क्षेत्र में आता है, जिस परिवार के साथ किशोरी रहती थी वह इलाका चमनगंज का था। कुछ समय तक वह बजरिया इलाके में किराये पर रहे थे। वारदात उस वक्त की है। आशंका है कि  सीमा विवाद के फेर में कर्नलगंज थानेदार बलराम मिश्रा बेफिक्र  रहे।
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प्रकरण संज्ञान में है। मामले में लापरवाही बरती गई, इस संबंध में जानकारी है। जांच कराई जा रही है। संबंधित पुलिसकर्मी पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।  -बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर
 
जब प्रकरण संज्ञान में आया, तब तत्काल संज्ञान में लेकर कार्रवाई की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना हुई है। जल्द आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे।  -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिशन कानून-व्यवस्था
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