अस्पताल की चौखट से लौट गई थी पुलिस
दो दिन पहले ही कर्नलगंज थानेदार बलराम मिश्रा और एसीपी सीसामऊ निशंक शर्मा को मामले की जानकारी थी, लेकिन वह हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। न कार्रवाई की थी और न ही उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। जब मंगलवार को सोशल मीडिया पर मामले ने तूल पकड़ा, तो चंद घंटों में कार्रवाई की गई। दरअसल 14 अगस्त की रात को पीड़ित किशोरी ने हाथ की नस काटी थी। उसको उर्सला भर्ती कराया गया था। कर्नलगंज इंस्पेक्टर को इसकी जानकारी हुई। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उर्सला भेजा। वह पुलिसकर्मी अस्पताल की चौखट जाकर लौट आए थे।
लावारिस बताकर यतीमखाना में दाखिल करवाया था
पुलिस की जांच में सामने आया कि मदरसे के शिक्षक ने जब दंपती को बुलाकर बताया था कि उनका बेटा किशोरी के साथ दुष्कर्म करता रहा है, तो ये सुनकर कथित पिता को हार्ट अटैक आ गया था। उनको यकीन नहीं हुआ कि बेटे ने ऐसी करतूत की है। इसके बाद वह मामला दबाने के लिए यतीमखाना में किशोरी को दाखिल करवा दिया, जहां पर यह बताया था कि यह बच्ची उनको लावारिस हालत में मिली है, जबकि बांदा में किशोरी के पिता का पुलिस को पता चल चुका है।
वीडियो में बताई आपबीती
पीड़िता का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें वह स्पष्ट रूप से आपबीती बताती सुनाई दे रही है लेकिन पुलिस ने अबतक उसके बयान नहीं लिए हैं। बाल कल्याण समिति ने भी इस मामले में पुलिस अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
सीमा विवाद के खेल में थानेदार बेफिक्र रहे
यतीमखाना कर्नलगंज थाना क्षेत्र में आता है, जिस परिवार के साथ किशोरी रहती थी वह इलाका चमनगंज का था। कुछ समय तक वह बजरिया इलाके में किराये पर रहे थे। वारदात उस वक्त की है। आशंका है कि सीमा विवाद के फेर में कर्नलगंज थानेदार बलराम मिश्रा बेफिक्र रहे।
प्रकरण संज्ञान में है। मामले में लापरवाही बरती गई, इस संबंध में जानकारी है। जांच कराई जा रही है। संबंधित पुलिसकर्मी पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। -बीपी जोगदंड, पुलिस कमिश्नर
जब प्रकरण संज्ञान में आया, तब तत्काल संज्ञान में लेकर कार्रवाई की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना हुई है। जल्द आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे। -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिशन कानून-व्यवस्था