कानपुर। करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी मामले में हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार करके जेल भेजे गए अधिवक्ता अमन जिंदल की जमानत अर्जी अपर जिला जज 21 विनय सिंह ने खारिज कर दी है। इसके पहले मुकदमे में आरोपी सीए व एकाउंटेंट की जमानत अर्जियां भी खारिज हो चुकी हैं।
डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलीजेंस की कानपुर यूनिट ने हरियाणा के सोनीपत से एकाउंटेंट तुषाल रहेजा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने सीए लोकेश व अधिवक्ता अमन जिंदल की भूमिका बताई थी जिसके बाद सोनीपत से अमन जिंदल को भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। अमन की ओर से सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल करते हुए झूठा फंसाए जाने का तर्क रखा गया। कहा गया कि उसे वकालत करते दो साल ही हुए हैं उसे साजिश के तहत झूठे तथ्यों के आधार पर फंसाया गया है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने तर्क रखा कि अमन ने 20 फर्जी कंपनियां बनाकर फर्जी इनवाइस और ईवे बिल बनाकर करोड़ों रुपये की कर चोरी की। मुकदमे में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अमन के अपराध को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए जमानत अर्जियां खारिज कर दीं। (संवाद)
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