कानपुर देहात। मृतक आश्रित की नौकरी से संबंधित पत्रावली को खंड शिक्षा अधिकारी एक साल से लंबित किए हैं। मृतक परिचर(चतुर्थ श्रेणी कर्मी) की पत्नी को कभी घर बुलाती हैं तो कभी दफ्तर बुलाकर घर में फाइल भूल जाने की बात कहती है। करीब एक साल से पत्रावली को आगे नहीं बढ़ा रही हैं। इससे परेशान मृतक की पत्नी ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम से दुखड़ा रोया। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिथिल पर्यवेक्षण के आरोप में बीएसए से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके साथ ही तीन दिन में आख्या मांगी है।
गंगागज, पनकी, कानपुर की गीता देवी ने डीएम डा. दिनेश चंद्र को बताया कि पति सुरेश चंद्र मैथा ब्लाक के बैरीदरियाव उच्च प्राथमिक स्कूल में परिचर के पद पर तैनात थे। 17 नवंबर 2019 को उनकी मौत हो गई थी। वह मृतक आश्रित में नौकरी के लिए बेटे अंशू कुमार की फाइल बनाकर खंड शिक्षा अधिकारी पूनम वर्मा को सौंपी थी।
आरोप है कि पति की मौत के एक साल हो गए हैं, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारी ने पत्रावली पर न तो हस्ताक्षर किए और न उसे आगे बढ़ाया। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान डीएम से पीड़िता ने शिकायत की थी। उन्होंने बीईओ से पत्रावली मंगाई। कई घंटे बाद भी वह पत्रावली नहीं दिखा सकीं। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने बीएसए और बीईओ को कड़ी फटकार लगाकर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। बुधवार को डीएम ने बीएसए से शिथिल पर्यवेक्षण पर स्पष्टीकरण तलब किया है। लंबित पत्रावली के बाबत गड़बड़ी करने वाले की जिम्मेदारी तय कर तीन दिन में जांच आख्या मांगी है।
डीएम डॉ दिनेश चंद्र ने बताया कि मृतक आश्रित को परेशान करना गंभीर मामला है। एक साल से पत्रावली लंबित रखने से स्पष्ट होता है कि पीड़ित को परेशान किया जा रहा था। मामले में बीएसए से स्पष्टीकरण तलब करते हुए तीन दिन में आख्या मांगी गई। गड़बड़ी करने वाले पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।