कानपुर देहात। बिकरू कांड के बाद पुलिस मुठभेड़ में ढेर आरोपी अमर दुबे की पत्नी खुशी को शनिवार को माती जेल शिफ्ट कर दिया गया। बालिग होने की पुष्टि के बाद उसे कड़ी सुरक्षा में बाराबंकी के किशोरी संरक्षण गृह से लाया गया।
बिकरू में दो जुलाई 2020 को कुख्यात विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। इस मामले में कुख्यात आरोपियों के साथ खुशी दुबे को भी पुलिस ने गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया था। खुशी इस जघन्य वारदात से दो दिन पहले ही विकास दुबे के करीबी अमर से शादी कर बिकरू पहुंची थी। अभिलेखों के अनुसार, किशोर न्याय बोर्ड ने उसे नाबालिग मानते हुए बाराबंकी किशोरी संरक्षण गृह में रखने के आदेश दिए थे। खुशी को सुनवाई के लिए हर तारीख पर माती किशोर न्याय बोर्ड लाया जाता था।
खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि बालिग होने की पुष्टि पर खुशी ने माती जेल मेें शिफ्ट करने का प्रार्थनापत्र दिया था। इस पर बोर्ड ने उसे माती जेल शिफ्ट करने की मंजूरी दे दी थी। जेलर कुश कुमार ने बताया कि जेल में ही मेडिकल कराने के बाद खुशी को महिला बैरक में रखा गया है।
पहले भी दो महीने खुशी का ठिकाना रही महिला बैरक
- खुशी दुबे को घटना के बाद गिरफ्तार कर माती जेल की महिला बैरक मेें दो महीने तक रखा गया था, लेकिन किशोर न्याय बोर्ड से नाबालिग होने की पुष्टि के बाद उसे बाराबंकी के किशोरी संरक्षण गृह भेज दिया गया। बालिग होने पर खुशी का ठिकाना फिर से महिला बैरक बन गया है।